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आकाशगंगा में हमारे सौर मंडल के पास शीर्ष 3 पृथ्वी जैसे ग्रहों की व्याख्या.pdf

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आकाशगंगा में हमारे सौर मंडल के पास शीर्ष 3 पृथ्वी जैसे ग्रहों की व्याख्या.pdf

  1. 1. Search for: ● Home ● all tech news a to z ● आकाशगंगा में हमारे सौर मंडल क े पास शीर्ष 3 पृथ्वी जैसे ग्रहों की व्याख्या
  2. 2. ALL TECH NEWS A TO Z आकाशगंगा में हमारे सौर मंडल क े पास शीर्ष 3 पृथ्वी जैसे ग्रहों की व्याख्या dushyantprasad45@gmail.com October 5, 2022 0 comment आकाशगंगा में हमारे सौर मंडल क े पास शीर्ष 3 पृथ्वी जैसे ग्रहों की व्याख्या Table of Contents ● आकाशगंगा में हमारे सौर मंडल क े पास शीर्ष 3 पृथ्वी जैसे ग्रहों की व्याख्या ● Trappist 1E आकाशगंगा में हमारे सौर मंडल क े पास शीर्ष 3 पृथ्वी जैसे ग्रहों की व्याख्या
  3. 3. Technewsatoz.com वैज्ञानिकों ने खोजा बहुत बड़ा समुद्र धरती क े कोर क े अंदर दोस्तों इस विशाल ब्रह्मांड जीवन क े होने की दो संभावनाएं मौजूद हैं जिसमें पहला कि हम पृथ्वी वासी इस विशाल ब्रह्मांड में अक े ले नहीं है और हमारी तरह ही कई और इंटेलिजेंट और एडवांस सभ्यताएं इस ब्रह्मांड में निवास करते हैं और बेहद ही ज्यादा दूरी होने क े कारण वह हमसे संपर्क कर पाने में अभी तक नाकाम रहे हैं वही एक दूसरा जवाब यह है कि इस विशाल ब्रह्मांड में हम इंसानों की तरह इंटेलिजेंट लाइफ बेहद ही रेयर है और इस विशाल ब्रह्मांड में क े वल क ु छ गिनी चुनी इंटेलिजेंट सभ्यताएं ही मौजूद है पर हमारे ब्रह्मांड में ऐसे ग्रह जरूर मौजूद हो सकते हैं जहां जीवन अपने शुरुआती चरण यानी माइक्रो बीएल फ े स में हो या हम इंसानों की तरह इंटेलिजेंट की बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा हो इस सवाल का जवाब जानने क े लिए हम इंसानों ने ऐसे ग्रहों की पहचान करना शुरू किया जहां जीवन क े पनपने क े लिए सभी जरूरी परिस्थितियां मौजूद है और जहां किसी प्रकार का जीवन मौजूद हो सकता है ऐसी खोज में हमें हमारे सौरमंडल से करीब 40 लाइट यस दूर मौजूद एक ऐसे रेड ड्वार्फ सिस्टम का पता चला जहां क ु छ ऐसे ग्रह मौजूद हो सकते हैं जहां जीवन पनप रहा हो खोज क े दौरान वैज्ञानिकों को इस रेड ड्वार्फ का चक्कर लगा रहे क ु ल सात ग्रहों का पता चला जिनमें से 3 ग्रह हैबिटेबल जोन में अपने तारे का चक्कर लगाते हैं हैबिटेबल जोन में मौजूद यह ग्रह रॉकी वर्ल्ड है जहां हमारे धरती से भी ज्यादा पानी एक्टिव एटमॉस्फ े यर और शायद किसी प्रकार का
  4. 4. जीवन मौजूद हो सकता है तो चलिए दोस्तों हमारे साथ एक रोमांचक सफर में जहां हम इस अनोखे स्टार सिस्टम की सैर पर यहां हम मौजूद ग्रहों पर जीवन की संभावनाएं तलाशेंगे रेड ड्वार्फ स्टार हमारे सूर्य की तुलना में कई ट्रिलियन सालों तक जिंदा रहते हैं क े दौरान किया अपने एक्सोप्लैनेट्स तक अपनी रोशनी और एनर्जी पहुंचाते रहते हैं ऐसे में तारों का चक्कर लगा रहे एक्सोप्लैनेट पर किसी प्रकार क े लाइफ कोई कॉल करने क े लिए काफी ज्यादा समय मिल जाता है और इसी वजह से इन रेड ड्वार्फ स्टार्स को किसी प्रकार क े लाइव होस्टिंग एक्सो प्लांट्स क े लिए सबसे चुनिंदा जगहों में से एक माना जाता है ऐसे ही एक ड्रग ड्वार्फ स्टार है Trappist 1 जो कि हमारी धरती से करीब 40 लाइट ईयर्स दूर एक्वेरियस कांस्टेलेशन में मौजूद है इस चोर की खोज 1999 में खगोल वैज्ञानिक John Gizis और उनक े सहयोगियों ने की थी उस समय इसे 2MASS J23062928-0502285 नाम दिया गया था यह तारा दरअसल अल्ट्राक ू ल रेड ड्वार्फ स्टार है जो कि हमारे सूर्य की तुलना में काशी छोटा और चमकीला स्टार है मई 2016 में वैज्ञानिकों क े एक दल ने TRANSITING PLANETS AND PLANETESIMAL SMALL TELESCOPE यानी ट्रैपिस्ट का उपयोग करते हुए इसका चक्कर लगा रहे तीन रॉकी प्लैनेट्स की खोज की उसक े बाद इस स्टार सिस्टम को ट्रैपिस्ट 1 का नाम दे दिया गया फरवरी 2017 में विज्ञानिक ने नासा क े SPITZER TELESCOPE और क ु छ ग्राउंड बेस्ट टेलीस्कोप का उपयोग करते हुए स्टार सिस्टम का चक्कर लगा रहे सात ग्रहों की खोज की यह पहली बार था जब वैज्ञानिकों को धरती से परे किसी दूसरे सोलर सिस्टम में इतने ज्यादा ग्रह मिले हैं पर इस खोज की सबसे खास बात यह थी कि इन 7 ग्रहों में से 3 ग्रह तारे क े हैबिटेबल जोन में इसका चक्कर लगाते हैं किसी तारे को हैबिटेबल जोन उस तारे का खास जोन होता है जहां तो ज्यादा गर्मी पड़ती है और ना ही ज्यादा ठंड जिसक े वजह से इस जोन में मौजूद ग्रहों में पानी अपने लिक्विड फॉर्म में बना रहता है जोकि जीवन क े पनपने क े लिए सबसे ज्यादा जरूरी इनग्रेडिएंट माना जाता है ऐसे में ग्रहों पर एक हार्ड सर्फे स लिक्विड वॉटर एक्टिविटीज और शायद जीवन भी मौजूद हो सकता है Trappist 1d अध्ययन में सामने आया कि एक्सोप्लैनेट का मास हमारे पृथ्वी ग्रह क े मास का क े वल 30% और उसका आकार हमारे पृथ्वी ग्रह क े आकार का 80% है यह अपने तारे से क े वल 0.022 एयू की दूरी पर मौजूद है जो कि हमारे सूर्य और पृथ्वी की दूरी का मात्र 2% ही है ऐसे में इसे अपने तारे का एक चक्कर पूरा करने में मात्र 4 दिनों का समय लगता है यानी किस ग्रह पर 1 साल क े वल 4 दिनों का ही होता है इस एक्सोप्लैनेट की सबसे खास बात यह है कि अपने तारे क े हैबिटेबल जोन जॉन क े इनर रीजन में मौजूद है
  5. 5. और उसे अपने तारे से लगभग उतनी ही सनलाइट मिलती है जितनी कि पृथ्वी को हमारे सूर्य से मिलती है ऐसे वैज्ञानिकों का मानना है कि इस ग्रह का करीब 5% मास लिक्विड वॉटर क े निकाल ओसियंस क े रूप में मौजूद हो सकता है जिसका वॉल्यूम हमारे धरती क े महासागरों में मौजूद वाटर से भी सैकड़ों गुना ज्यादा हो सकता है महासागरों में जीवन क े पनपने की विशाल संभावनाएं मौजूद हैं इससे एक्सो प्लेनेट प्लानेट क े सरफ े स तापमान 9 डिग्री सेल्सियस से लेकर -18 डिग्री सेल्सियस क े बीच हो सकता है जो कि किसी प्रकार क े लाइफ क े इवॉल्व होने क े लिए एक अनुक ू लता समान माना जाता है रेड ड्वार्फ तारे से नजदीक मौजूद होने क े कारण एक्सोप्लैनेट अपने तारे क े टाइटली लॉक हो सकता है यानी इस तारे का एक साइड हमेशा अपने तारे की ओर से दूसरा साइड हमेशा अपने सारे क े दूसरी ओर रहता है ऐसे में इसक े एक साइड में तापमान जीवन क े अनुक ू ल रहता है दूसरा साइड बेहद ही ठंडा रहता है वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका एक साइड दूसरे साइड तक जरूरी एनर्जी पहुंचा कर एक्सोप्लैनेट क े क्लाइमेट को स्टेबल रखता है रॉकी एक्सोप्लैनेट जिसका आकार दूसरे ट्रैपिस्ट 1 ग्रहों की तुलना में काफी छोटा है जिसकी वजह से इसकी स्तर पर सलामती मात्र 0.48 ग्राम है जॉनी किस ग्रह पर आपका वजन धरती की तुलना में आधा ही होगा वैज्ञानिकों को यहां हमारे धरती की तरह ही एक बेहद ही एक्टिवेट एटमॉस्फ े यर का पता चला है जो कि उसक े सरफ े स को इसक े तारे से आने वाले अल्ट्रावॉयलेट रेज से बचाता होगा इसका अर्थ सिमुलेटर इंडेक्स 0.91 है जो कि इसे सौरमंडल से परे अभी तक खोजा गया धरती से छठवां सबसे ज्यादा मिलता जुलता एक्सोप्लैनेट बनाता है जहां लिक्विड वॉटर क े महासागर रॉकी सरफ े स और एक्टिव एटमॉस्फ े यर मौजूद हो सकता है ऐसे में यहां किसी प्रकार क े माइक्रो बीएल लाइफ़ कांपलेक्स लाइफ क े इवॉल्व होने की संभावनाएं काफी ज्यादा है Trappist 1E अध्ययन में सामने आया है कि इससे प्लेनेट का मांस हमारे पृथ्वी ग्रह क े मास का सिर्फ 78% है और इसका आकार हमारे पृथ्वी क े करीब 91% है यानी कि मास और आकार में हमारे पृथ्वी से काफी मिलता-जुलता एक्सोप्लैनेट है अपने तारे से क े वल 0.029 एयू की दूरी पर मौजूद है जो कि हमारे सूर्य और पृथ्वी की दूरी का मात्र तीन प्रतिशत है इसे अपने तारे का एक चक्कर पूरा करने में मात्र 6 दिनों का समय लगता है यानी किस ग्रह पर 1 साल क े वल 6 दिनों का होता है यह एक्सोप्लैनेट अपने तारे क े हैबिटेबल जोन क े मिडल आउटर रीजन में मौजूद है किसकी वजह से इसे हमारे पृथ्वी की तुलना में अपने तारे से क े वल 60% सनलाइट ही मिलती है भले ही यह एक रॉकी एक्सोप्लैनेट है पर वैज्ञानिकों को अभी तक इस एक्सोप्लैनेट पर किसी प्रकार क े लिक्विड ओशन का पता नहीं चला है पर यहां लिक्विड वॉटर सॉलि़ड आईस और उसक े एटमॉस्फ े यर में वाटर वेपर में मौजूद हो
  6. 6. सकता है इस एक्सोप्लैनेट क े सरफ े स का तापमान -25 डिग्री सेल्सियस से लेकर – 40 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है अपने रेड ड्वार्फ तारे से नजदीक मौजूद होने क े कारण यह दूसरे ट्रैपिस्ट 1 ग्रहों की तरह ही अपने तारे से टाइटली लॉक हो सकता है ऐसे में एक साइड में लिक्विड वाटर बनकर उड़ जाता है तो एक साइड सॉलिड आईज बन जाता है पर इन दोनों क े बीच एक सिल्वर लाइन मौजूद हो सकता है जहां एवरेज तापमान 0 डिग्री सेल्सियस क े ऊपर रहता है जहां पानी अपने लिक्विड फॉर्म में बना रह सकता है ऐसे में इस रीजन में किसी भी प्रकार क े लाइफ क े इवॉल्व होने की बहुत ज्यादा संभावनाएं हो सकती है यह एक रॉकी एक्सोप्लैनेट है जिसकी सरफ े स ग्रेविटी 0.93 ग्राम है पृथ्वी से काफी मिलती जुलती है यह हमारे धरती क े तरह ही एक एक्टिव एटमॉस्फ े यर मौजूद हो सकता है जो कि इसको अपने रेड ड्वार्फ स्टार से भयानक किरणों से बचाता है और इस एक्सोप्लैनेट्स क े क्लाइमेट को स्टेबल रखता होगा इसका पृथ्वी संलहरी टिंडर 0.95 है जोगेश्वर मंडल से परे धरती से दूसरा सब से मिलता-जुलता ग्रह बनाता है जहां लिक्विड वाटर रॉकी सरफ े स और एक एक्टिव एटमॉस्फ े यर मौजूद हो सकता है ऐसे में या किसी प्रकार क े माइक्रोवेव लाइफ यह क ं पलेक्स लाइफ क े मौजूद होने की संभावना काफी ज्यादा है Trappist 1F अध्ययन में सामने आया कि इस एक्सोप्लैनेट का मास हमारे पृथ्वी क े मास क े करीब 70% और इसका आकर हमारे पृथ्वी ग्रह क े आकार क े बराबर है यह अपने तारे से क े वल 0.037 एयू की दूरी पर है जो कि हमारे सूर्य और पृथ्वी की दूरी का मात्र 4% ही है इसे अपने तारे का चक्कर पूरा करने में मात्र 9 दिनों का समय लगता है यह एक्सोप्लैनेट्स अपने तारे क े हैबिटेबल जोन क े आउटर रीजन में मौजूद है वैज्ञानिकों क े अनुसार एक्सोप्लैनेट का मास का क ु ल 20% हिस्सा वाटर जो कि सॉलिड आइस और वह वाटर वेपर क े रूप में इस ग्रह पर मौजूद हो सकता है इस एक्सोप्लैनेट क े सरपंच का फ ु ल एवरेज तापमान -50 डिग्री सेल्सियस से लेकर 1000 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है जिसका कारण है इसका बहुत ही डेंस और थिक एटमॉस्फ े यर अपने रेड ड्वार्फ को तारे से नजदीक मौजूद होने क े कारण यह दूसरे ट्रैपिस्ट 1 ग्रहों की तरह है अपने सारे से टाइटली लॉक हो सकता है जिसका मतलब आप सबको पता है जो कि मैंने पहले की तरह हमें बता दिया और ऐसे में एक साइड बानी वेपर बन क े उड़ जाता है तो एक साइड में ही है सॉलिड आइस बन जाता है और इन दोनों क े बीच एक सिल्वर लाइन मौजूद हो सकती है जहां पानी अपने लिक्विड फॉर्म में बना रह सकता
  7. 7. है जिसकी वजह से इस रीजन में जीवन फल फ ू ल सकता है इससे एक्सोप्लैनेट की सरफ े स ग्रेविटी 0.62 ग्राम है यानी कि धरती पर आपका वजन 100 किलोग्राम है तो इस एक्सोप्लैनेट पर आपका वजन मात्र 62 किलोग्राम होगा यहां वीनस ग्रह की तरह एक बहुत ही डेंस और थिक एटमॉस्फ े यर मौजूद हो सकता है जो कि इसक े सरफ े स को काफी वार्म कर देता है इसका पृथ्वी सिमिलरिटी इंडेक्स 0.70 है जोकि से सौरमंडल से बड़े धरती से तीसवा सब से मिलता-जुलता ग्रह बनाता है ऐसे में वैज्ञानिकों को बहुत ही ज्यादा उम्मीद है कि इन तीन ग्रहों में से किसी एक ग्रह पर जीवन मौजूद हो या फल फ ू ल रहा हो तो दोस्तों यही थी हमारी इतनी अच्छी खास जानकारी अगर आपको अच्छी लगी है तो फिर नीचे जाकर कमेंट करिए कि क ै सी लगी आपको मिलते हैं ऐसी और एक आर्टिकल में तब तक ले बाय-बाय Posted in all tech news a to z dushyantprasad45@gmail.com Post navigation क्या होगा जब मैं अपने कॉस्मिक ट्विन से मिलूंगा |5 STRONG AND SIMPLE REASONS वैज्ञानिकों ने खोजा बहुत बड़ा समुद्र धरती क े कोर क े अंदर Leave a Reply Your email address will not be published. Required fields are marked * Comment * Name * Email *
  8. 8. Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Search Search Recent Posts ● मृत्यु क े बाद क्या होता है ● वैज्ञानिकों ने खोजा बहुत बड़ा समुद्र धरती क े कोर क े अंदर ● आकाशगंगा में हमारे सौर मंडल क े पास शीर्ष 3 पृथ्वी जैसे ग्रहों की व्याख्या ● क्या होगा जब मैं अपने कॉस्मिक ट्विन से मिलूंगा |5 STRONG AND SIMPLE REASONS ● ब्रह्मांड क े किस कोने में मौजूद है दूसरी पृथ्वी? 8 great planets Recent Comments 1. eTextbookShelf on 30 RELATION IN HINDI AND ENGLISH | english to hindi translation sentences| english to hindi translation sentences | how to convert english to hindi in word | 2. Shishir Srivastava on आइए जानते हैं कि हमारे ब्रह्मांड का क ें द्र कहां स्थित है? 3. Shishir Srivastava on आइए जानते हैं कि हमारे ब्रह्मांड का क ें द्र कहां स्थित है? 4. Cheapest eBooks Store on 30 RELATION IN HINDI AND ENGLISH | english to hindi translation sentences| english to hindi translation sentences | how to convert english to hindi in word | Archives ● October 2022 ● September 2022
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