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आय-कर अधिनियम की धारा 234F

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आय-कर अधिनियम की धारा 234F

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प्रस्तावना
बजट सत्र 2017 की घोषणा के दौरान हमारे माननीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली जी ने देरी से आय-कर विवरणिका दाखिल करने वालो के लिए एक नयी धारा 234 F पेश की हैं |

हमारे लिए यह अभी जानना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यह वित्त वर्ष 2017-18 की आय-कर विवरणिका दाखिल करने पर लागू होगा |

आइये समझते हैं...
धारा 234 F का मतलब क्या होता है?
धारा 234F के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को आय-कर अधिनियम [धारा 139(1)] के प्रावधानों के अनुसार आय-कर विवरणिका (ITR) दाखिल करने की आवश्यकता होती हैं, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर आय-कर विवरणिका दाखिल नहीं की हो तो देरी से भरने का शुल्क जमा करना होगा |

234 F के तहत कितना शुल्क चार्ज किया जा सकता है?
यदि कटौती के बाद आपकी कुल आय 5 लाख से अधिक है तो...
आय-कर विवरणिका 31 जुलाई के बाद और 31 दिसंबर से पहले दाखिल करवाई जाती हैं तो शुल्क की राशि रु 5000/- होगी

आय-कर विवरणिका 31 दिसंबर के बाद दाखिल करवाई जाती हैं अथवा अन्य किसी मामले में शुल्क की राशि रु 10000/- होगी

परन्तु, यदि आपकी कुल आय 5 लाख से कम या बराबर है तो शुल्क की राशि रु 1000 रुपये होगी |

234 F किस पर लागू होता है?
यह (व्यक्तिगत, HUF, कंपनी, फर्म, AOP इत्यादि) सहित सभी व्यक्तियों पर लागू होता है, जिन्हें आय-कर अधिनियम द्वारा आय-कर विवरणिका (ITR) दाखिल करवाना अनिवार्य हो |

234 F के शुल्क का भुगतान कैसे करें?
इसे वित्त वर्ष 2017-18 और उसके बाद से, खुद से कर निर्धारण के तहत चालान 280 के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है |

चेतावनी
सावधान रहे! धारा 234F वित्त वर्ष 2017-18 (या निर्धारण वर्ष 2018-19) की आय-कर विवरणिका दाखिल करने पर और उसके बाद से लागू होगी |

इसका मतलब है कि अगर वित्त वर्ष 2017-18 की आय-कर विवरणिका देय तिथि के बाद दाखिल की जाती है, तो आपको देरी शुल्क का भुगतान करना होगा।

प्रस्तावना
बजट सत्र 2017 की घोषणा के दौरान हमारे माननीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली जी ने देरी से आय-कर विवरणिका दाखिल करने वालो के लिए एक नयी धारा 234 F पेश की हैं |

हमारे लिए यह अभी जानना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यह वित्त वर्ष 2017-18 की आय-कर विवरणिका दाखिल करने पर लागू होगा |

आइये समझते हैं...
धारा 234 F का मतलब क्या होता है?
धारा 234F के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को आय-कर अधिनियम [धारा 139(1)] के प्रावधानों के अनुसार आय-कर विवरणिका (ITR) दाखिल करने की आवश्यकता होती हैं, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर आय-कर विवरणिका दाखिल नहीं की हो तो देरी से भरने का शुल्क जमा करना होगा |

234 F के तहत कितना शुल्क चार्ज किया जा सकता है?
यदि कटौती के बाद आपकी कुल आय 5 लाख से अधिक है तो...
आय-कर विवरणिका 31 जुलाई के बाद और 31 दिसंबर से पहले दाखिल करवाई जाती हैं तो शुल्क की राशि रु 5000/- होगी

आय-कर विवरणिका 31 दिसंबर के बाद दाखिल करवाई जाती हैं अथवा अन्य किसी मामले में शुल्क की राशि रु 10000/- होगी

परन्तु, यदि आपकी कुल आय 5 लाख से कम या बराबर है तो शुल्क की राशि रु 1000 रुपये होगी |

234 F किस पर लागू होता है?
यह (व्यक्तिगत, HUF, कंपनी, फर्म, AOP इत्यादि) सहित सभी व्यक्तियों पर लागू होता है, जिन्हें आय-कर अधिनियम द्वारा आय-कर विवरणिका (ITR) दाखिल करवाना अनिवार्य हो |

234 F के शुल्क का भुगतान कैसे करें?
इसे वित्त वर्ष 2017-18 और उसके बाद से, खुद से कर निर्धारण के तहत चालान 280 के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है |

चेतावनी
सावधान रहे! धारा 234F वित्त वर्ष 2017-18 (या निर्धारण वर्ष 2018-19) की आय-कर विवरणिका दाखिल करने पर और उसके बाद से लागू होगी |

इसका मतलब है कि अगर वित्त वर्ष 2017-18 की आय-कर विवरणिका देय तिथि के बाद दाखिल की जाती है, तो आपको देरी शुल्क का भुगतान करना होगा।

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