DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes

TutorialsDuniya.com
TutorialsDuniya.comTutorialsDuniya.com

Delhi University DU BA programme education notes - Sartaz Sir Notes

Download DU B.A. Programme Notes & Question
Papers from https://www.tutorialsduniya.com
Please Share these Notes with your Friends as well
Education Notes
TUTORIALSDUNIYA.COM
B.A. Programme - 3rd Year
Prepared By: Sartaz Sir
(University of Delhi)
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
प्रश्न 1 : यशपाल समिति रिपोर्ट (1993) अनुसाि “विघालय मशक्षा अपने िेििान स्िरूप िें बच्चों क
े
मलए आनन्दिय नह ीं है” स्पष्र् किें?
अथिा
“बहुि ज्यादा पढ़ाया गया पि बहुि कि ग्रहण ककया गया” यशपाल समिति क
े इस कथन को स्पष्र्
किे?
उत्तर: बच्चो पर शिक्षा क
े बोझ को कम करने क
े शिए भारत सरकार को मानव संसाधन ववकास मंत्रािय
ने प्रो० यिपाि की अध्यक्षता में एक राष्ट्रिय सिाहकार सशमतत का गठन ककया इस सशमतत ने जुिाई
1993 में अपनी ररपोर्ट प्रस्तुत की| सशमतत ने सभी स्तरों की शिक्षा का भार कम करने और शिक्षा की
गुणवत्ता में सुधार िाने क
े शिए वविेष सिाह दी है |
प्रो० यिपाि सशमतत ने इस बात पर जोर ददया है कक बच्चों पर बढ़ता िैक्षक्षक भार एक रारिीय
िैक्षक्षक समस्या है
पाठ्यक्रि क
े कठिन होने क
े कािण
i) तनर्ाटरिि सिय िें मशक्षक द्िािा पूिा नह ीं किा पाना
ii) बच्चों क
े िानमसक स्िि औि पाठ्य सािग्री क
े स्िि िें असींिुलन
iii) पाठ्य पुस्िको की भाषा एिीं शैल जठर्ल होने क
े कािण छात्रों को यह जठर्ल लगिा है
iv) बुतनयाद पाठ्यक्रि का बाल विकास िें अींितनटठहि िूलभूि िान्यिाओ को पूिा नह ीं कि पाना
मशक्षकों औि विर्ाथीयों की प्रतिकक्रयाओीं को जानने क
े बाद यशपाल समिति िौजूदा पाठ्यक्रि की
सिस्या को तन० मल० प्रकाि से स्पष्र् ककया है |
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
1) बच्चों की पढ़ाई का जल्द शुरू होना: वपछले क
ु छ िषो िें यह देखा गया हैं कक नसटि कक्षा िें प्रिेश
लेने िाले बच्चों की उम्र काफी कि होिी है| क्योंकक िााँ –बाप सोचिे हैं कक यठद बच्चे को जीिन िें
सफल बनाना है िो उनकी मशक्षा जल्द शुरू किनी चाठहए|
2) स्क
ू ि बैग का आकार: यिपाि सशमतत ने बड़े स्क
ू ि बैग को बच्चे क
े प्रतत ‘शिक्षायी दहंसा’ बताया है
बस्ते क
े बड़े आकार क
े पीछे गृहकायट एवं ट्यूिन का बड़ा योगदान है| बच्चों को छ
ु ट्र्ी तो बहुत ही
मुष्ट्ककि से शमि पाती है| ष्ट्जसक
े कारण बच्चों को अपनी योग्ता ददखाने का अवसर नहीं शमि पाता उन्हे
खेिने, आनन्द िेने, सोचने और अपने आसपास की दुतनया को जानने का समय ही नहीं शमि पाता|
3) परीक्षा प्राणिी: यिपाि सशमतत ने वतटमान परीक्षा प्राणिी को दोषपूणट माना है| क्योंकक-परीक्षा क
े वि
बच्चें क
े रर्ने की क्षमता को जांच होती है तथा बच्चे ददये गए पाठ्यक्रम पर ही तनभटर होता है ष्ट्जससे
उनक
े अंदर की प्रततभा का ववकास नहीं होता| तथा बािक परीक्षा का सामना करने से भयभीत रहते है|
4. शसखने- शिखाने की प्रकक्रयाओं में नीरसता: स्क
ू िों में अध्यापन उबाऊ और नीरस होता है ष्ट्जससे बच्चे
शिक्षा को अपने ऊपर बोझ समझते है| आमतौर पर शिक्षक पाठ्यपुस्तक का उच्चारण करा देते है और
मुख्य बातों को बोर्ट पर शिख देते हैं| स्क
ू िों में बच्चों को प्रयोग करने, भ्रमण करने या ककसी प्रकार का
अविोकन करने का अवसर नहीं शमिता| ष्ट्जससे शिक्षण उबाऊ हो जाता है|
5) पाठ्क्रम और पाठ्यपुस्तक
े : अप्रसांगगक एवं अपयाटप्त पुस्तक
े पाठ्यक्रम क
े भार को और बढ़ा देती हैं
वतटमान पाठ्य पुस्तक
े बच्चों में सोचने समझने की िष्ट्क्त ववकशसत नहीं करती| पुस्तकों की िेखन िैिी
भी बहुत जदर्ि होती है ववकशसत नहीं करती| पुस्तकों की िेखन िैिी भी बहुत जदर्ि होती है पुस्तकों
की भाषा छात्रों की समझ से बहार होती है| इससे बोररयत और बोझ बढ़ता जाता है|
मसक्षा –सिस्या क
े कािण
i) ज्ञान बनाम सूचना: वतटमान में यह धारणा बन गई है कक ‘वैष्ट्कवक स्तर पर ज्ञान का ववस्फोर्’ होने
क
े कारण मौजूदा पाठ्क्रम को और ववकशसत करने की आवकयकता है| ताकक बच्चे और अगधक ज्ञान
प्राप्त कर सक
े | इससे बच्चों का पाठ्यक्रम और बोझझि तथा मानशसक रूप से दहंसात्मक हो जाता है|
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
ii) कक्षा की वास्तववकता से वविेषज्ञों की दूरी: सशमतत का मानना है कक शिक्षा वविेषज्ञों को कक्षा
वास्तववक ष्ट्स्थतत का अगधक पता नहीं होता|| तथा ये वविेषज्ञ बच्चों तथा उनक
े द्वारा नई बाते सीखने
की प्रकक्रया से अनजान होते है|
iii) पाठ्क्रम का क
े न्रीकृ त चररत्र: यिपाि सशमतत ने यह महसूस ककया है कक पाठ पाठ्यक्रम का
अनावकयक रूप से क
े न्रीकृ त हो गया इसशिए पाठ्यक्रम देि क
े ववशभन्न भागो की स्थानीय जरूरतों क
े
शिए प्रासंगगक नहीं है|
iv) पाठ्यवस्तु को पढ़ाने की परम्परा: वतटमान समय में शिक्षक पुस्तक की ववषय वस्तु या प्रासंगगकता
पर कोई सवाि नहीं उठा सकते| अगधकांि शिक्षा पुस्तक को ही ज्ञान क
े अंततम स्रोत की तरह देखते है|
और जब ये व्यथट पुस्तक
े कक्षाओं में पढ़ाई जाती है तो इससे बोझ और बढ़ता है|
v) सामाष्ट्जक प्रततस्पधाट: हमारे समाज में प्रततस्पधाट की भावना बहुत आगधक है| इसशिए हर कोई आगे
तनकिने की चाह में अपने बच्चे को छोर्ी आयु से ही औपचाररक शिक्षा देना चाहता है ष्ट्जससे बच्चों
पर दबाव और बढ़ा गया है|
vi) िैक्षक्षक वातावरण का अभाव: सशमतत क
े अनुसार पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने वािी मूिभूत सुववधाओं
का अभाव है जैसे पयाटप्त समय, मानव संसाधन, खेि क
े उपकरण तथा मैदान | आदद ककसी स्क
ू ि में
ये सुववधाएं है तो वे भी अत्यंत घदर्या स्तर की है |
यशपाल समिति की मशफारिशे
i) राज्य/क
ें र िाशसत प्रदेि स्तरीय पाठयपुस्तको क
े तनमाटण में अध्यापकों की अगधक से अगधक
भागीदारी होनी चादहए|
ii) राज्य एवं क
ें र िाशसत प्रदेिों में नसटरी स्क
ू ि खोिने क
े शिए मौजूदा शिक्षा तनयमों में संिोधन ककया
जाए|
iii) नसटरी कक्षा में दाझखिे क
े शिए बच्चों का ककसी प्रकार का साक्षात्कार या परीक्षा न िी जाए|
iv) नसटरी कक्षाओं में पाठ्यपुस्तक एवं गृहकायट की अतनवायट प्रथा को समाप्त ककया जाना चादहए|
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
v) प्राथशमक कक्षाओं से गृहकायट और पररयोजना कायट बंद की जाए
vi) कक्षा में पढ़ाते समय श्रव्य – रकय सामंग्री प्रयोग की जाए
vii) कक्षाओं में शिक्षक – ववघाथी अनुपात 1:40 से ज्यादा न हो
प्रश्न 2. उच्च मशक्षा िें िाष्र य प्रत्यापन औि िूल्याकन परिषद (NAAC) की भूमिका एिीं कायो को
विस्िाि पूिटक सिझाइये?
उत्तर: रारिीय मूल्याकन संत सत्यापन पररषद उच्च शिक्षा संस्थानों क
े मूल्याकन एवं उन्हे मान्यता देने
वािी एक संस्था है यह भारत में उच्च शिक्षा में सुधार करने क
े शिए शिए गदठत की गई है| वपछिे
पचास वषो क
े दौरान भारत में उच्च शिक्षा में बहुत तेजी से ववस्तार हुआ है परंतु भारतीय शिक्षा
प्रणािी यह आिोचना की जाती है कक देि में ऐसे ववघािय पनप गए है ष्ट्जनका कायटक्रम अवास्तववक है,
सुववधाएं तनम्न स्तर की हैं, इस ष्ट्स्थतत में सुधार करने क
े शिए रारिीय शिक्षा नीतत (1986) का
तनमाटण ककया गया
संगठन: NAAC क
े दो स्तर है i) सामान्य पररषद तथा ii) कायटकारी पररषद |
इसमें शिक्षा प्रिासकों, नीतत तनधटररकों तथा वरररठ शिक्षा ववदो को सष्ट्म्मशित ककया जाता है | ववकव
ववघािय अनुदान आयोग का अध्यक्ष NAAC की सामान्य पररषद का भी अध्यक्ष होता है इस पररषद
में एक सगचव तथा अनेक सिाहकार भी होते है|
NAAC क
े िक्ष्य एवं उद्देकय: NAAC की गततववगधयााँ उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुतनशिचत करने पर
क
े ष्ट्न्रत है | NAAC का िक्ष्य भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना तो उसे जीववका आधाररत
बनाता है NAAC क
े उदेकयों को हम तन० शि० बबन्दुओं क
े माध्यम से ववस्तार पूवटक समझ सकते है|
1)उच्च शिक्षा क
े शिए गुणवत्ता मूल्याकन उन्नतत एवं क
े अन्य दावेदारों क
े साथ शमिकर काम करना
2) उच्च शिक्षा में नवीनता, स्वायत्तता, एवं उत्तरदातयत्व की भावना का ववकास करना|
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
3) ववशभन्न िैक्षक्षक पररयोजनाओं , ववशिरर् िैक्षक्षक कायटक्रमों तथा उच्च शिक्षा से सम्बंगधत संस्थानों
अथवा इकाइयों का समय पर मुल्यांकन एवं उन्हे मान्यता प्रदान करना
4) उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने क
े शिए िैक्षक्षक वातावरण तैयार करना
5) उपयुक्त उदेकयों की प्राष्ट्प्त क
े शिए NAAC अंतरारिीय स्तर पर स्वीकृ त ववगध द्वारा उच्च शिक्षा
प्रदान करने की इच्छा रखने वािो संस्थानों की गुणवत्ता का मूल्याकन तथा सत्यापन करती है |
NAAC की कायटप्रणाल :
i) मूल्यांककत की जाने वािी शिक्षा संस्था द्वारा एक स्व-अध्यन ररपोर्ट तैयार करना तथा उसे जमा
कराना
ii) तनररक्षण दि द्वारा मौक
े की यात्रा की जाती है ताकक स्व अध्यन ररपोर्ट की वैधता की जााँच की
जाए
iii) NAAC की कायटकारी पररषद क
े द्वारा अंततम तनणटय शिया जाता है तथा पररषद क
े अनुभवी िोगो
द्वारा स्व- अध्यन ररपोर्ट का तनररक्षण ककया जाता है|
प्रत्यापन की प्रकक्रया: NAAC की मूल्याकन प्रकक्रया एक सुत्यवष्ट्स्थत और पारदिी प्रकक्रया है NAAC ने
मूल्याकन और प्रत्यापन क
े शिए तन० शि० प्रकक्रया तनधाटररत की है|
गुणवत्ता मूल्याकन क
े शिए संस्थागत योग्यता (IEQA) : - ककसी आवेदन करने वािे क
े शिए यह सबसे
पहिा कदम होता है| अथाटत गुणवत्ता क
े शिए संस्थागत योग्यता का होना उसी समय आरंभ हो जाता है
जब कोई संस्थान आवेदन क
े शिए ववचार कर रहा होता है|
यह ‘आवेदनकताट संस्थान’ क
े शिए तन० प्रकार से उपयोगी है|
i) इससे आवेदक संस्थान ‘योग्य आवेदक’ क
े रूप में पहचान प्राप्त कर िेता है|
ii) यदद संस्थान प्रथम चरण IEQA क
े शिए स्वय को योग्य साबबत नहीं कर पाता तो उसे तनधाटररत
गुणवत्ता क
े स्तर को पाने क
े शिए सुधार करने पड़ते है|
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
(iii) समय क
े भीतर IEQA क
े योग्यता स्तर को प्राप्त करने क
े शिए संस्थान को NAAC से आवेदन
शमिता है |
iv) संस्थान अपनी स्व – अध्यन ररपोर्ट तैयार करक
े NAAC में जमा करता है
v) संस्थान क
े ररपोर्ट जमा कराने क
े पकचात एक तनरीक्षक जााँच दि आकर जााँच करता है| और
मूल्याकन ररपोर्ट प्रस्तुत करता है
vi) NAAC द्वारा तनरीक्षण दि की मूल्याकन ररपोर्ट क
े आधार पर संस्थान को ग्रेडर्ंग क
े आधार पर
प्रमाण पत्र ददया जाता है
प्रत्यापन की आिश्यकिा: ककसी भी रारि क
े ववकास में उच्च शिक्षा की अत्यागधक आवकयकता होती है
अत: उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार क
े शिए NAAC क
ु छ मानदण्र् तनधाटररत ककये है| इन्ही मानदण्र्ो
क
े अनुरूप संबोगधत संस्थान को प्रत्यापन दी जाती है|
प्रत्यापन क
े लाभ: i) NAAC की प्रत्यापन प्रकक्रया द्वारा ककसी भी संस्थान की िष्ट्क्तयों, कमजोररयों
आदद को जानने में सहयता शमिती है |
ii) NAAC अध्यापन क
े आधुतनक एंव नए-नए तरीकों की िुरुआत करता है| तथा संस्थानों को नयी
पहचान तथा मागटदिटन देता है|
(iii) तनयोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त करने वािे उजाटवान कशमटयों क
े संबंध में जानकारी
सुिभ हो जाती है
प्रश्न 3. बुतनयाद िामलि क
े सींदभट िें डा∘ जाककि हुसैन समिति (1937) द्िािा द गई रिपोर्ट की िुख्य
मशफारिशे क्या है?
उत्तर: बुतनयादी ताशिम को ‘नई ताशिम’ अथवा बेशसक शिक्षा भी कहा जाता है| इसका आरंभ शिक्षा ववदों
ने 1937 में ककया | इसक
े माध्यम से एक स्वाधीन भारत क
े तनमाटण का िक्ष्य रखा गया|
बुतनयादी तािीम का प्रारष्ट्म्भक इततहास: बुतनयादी तािीम का आरष्ट्म्भक इततहास महात्मा गााँधी क
े दिटन
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
से जुड़ा हुआ है| गााँधी जी तात्कािीन शिक्षा पद्दतत से अत्यंत असंतुरर् थे| अत: उन्होंने 1937 में
भारतीय शिक्षा क
े पुनतनमाटण का प्रयास ककया तथा इस संबंध में अपनी पबत्रका हररजन में कई िेख
शिखे| तथा आगे चिकर शिक्षा सम्बन्धी अनेक योजनाओ का तनमाटण ककया |
गााँधी जी कक शिक्षा योजना पर आगे आने वािे अनेक ववद्वानों ने खुिकर चचाट की| चचाट में भाग िेने
वािे थे र्ा० जाककर हुसैन, प्रो० अब्दुि हक, ववनोबा भावे, र्ी० क
े िाह आदद यह शिक्षा सशमतत आगे
चिकर र्ा० जाककर हुसैन क
े नाम से प्रशसद हुई|
बुतनयाद मशक्षा क
े उद्देश्य िथा विषय िस्िु
1) हस्िकला : सशमतत का सुझाव था कक कताई , बुनाई, कृ वष, बढई आदद कायट शसखाकर ववघागथटयो
व्यवसातयक रूप से आत्म तनभटर बनाया जा सकता है|
2) िाह्भाषा :- बुतनयादो तािीग क
े अंतगटत मातृभाषा शिक्षण क
े उद्देकय तन० शि० थे|
i) दैतनक जीवन से जुड़े ककसी भी ववषय पर प्रासंगगक , सुसंगदठत ढंग से बोिने की क्षमता ववकशसत
है|
ii) पाठ्क्रम को िुद्ध एवं सुपाठ्य तरीक
े से शिखने की समता ववकशसत हो
iii) सरि प्रकार क
े व्यवसातयक पत्र एवं व्यष्ट्क्तगत पत्र शिखने की क्षमता तथा समाचार पत्रों को
गततपूणट मोन वचन की क्षमता बढ़ाना
iv) दैतनक जीवन की घर्नाओं को सरि तथा स्परर् िैिी में शिखने की क्षमता ववकशसत करना|
सशमतत का ववचार था कक मातृभाषा क
े द्वारा पाठ्क्रम को सरि बनाया जा सकता है|
3. गझणत:- गझणत शिक्षा क
े दो व्यापक उद्देकय थे|
i) पररवार तथा समुदाय क
े जीवन से सम्बष्ट्न्धत अंक गझणतीय प्रकनों को हि करने की क्षमता का
ववकास करना
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
ii) बही खाते तथा व्यापार-प्रद्तत सम्बन्धी जानकारी देना|
गझणत क
े पाठ्यक्रम में चारों सरि तनयम, चारों शमगश्रत तनयम, शभन्न, दिमिव, तीन का तनयम,
इकाई ववगध आदद क
े शसद्धांत सष्ट्म्मशित थे|
4. सािाजजक अध्यन:- सामाष्ट्जक अध्यन क
े अंतगटत इततहास, भुगोि, नागररक िास्त्र सामाष्ट्जक
घर्नाओं तथा संसार क
े ववशभन्न धमो क
े अध्यन को िाशमि ककया जाए सामाष्ट्जक अध्यन शिक्षण
क
े तनम्नशिझखत उद्देकय थे|
i) अपने देि क
े प्रतत प्रेम तथा एक आदिट नागररक क
े गुणों का ववकास
ii) ववकव क
े सभी धमों क
े प्रतत आदर भाव पैदा करना|
iii) नागररक अगधकारों एवं कतटव्यों क
े प्रतत संचेत करना|
iv) अपने सामाष्ट्जक, भौगोशिक वातावरण क
े ववषय में सही ज्ञान प्राप्त करना|
सामाष्ट्जक अध्यन क
े पाठ्यक्रम को सशमतत ने तीन क्षेत्रों में बांर्ा है इततहास, नागररक िास्त्र और भूगोि
5. सािान्य विज्ञान:- र्ा० जाककर हुसैन सशमतत क
े अनुसार सशम क
े पाठ्क्रम में प्रकृ तत अध्यन,
वनस्पतत, प्राणी स्वास्थ व्यायाम रसायन आदद क
े ववषय में ज्ञान िाशमि ककया गया है
इस पाठ्यक्रि क
े उद्देश्य तनम्न है|
i) प्रकृ तत क
े प्रतत छात्रो का ताकक
ट क एव उदार रष्ट्रर्कोण तनशमटत करना
ii) महान िोगो क
े जीवन से जुर्ी घर्नाओं की जानकारी उपिब्ध कराना
iii) प्राकृ ततक घर्नाओं तथा वैज्ञातनक उप्िाष्ट्व्धयों क
े ववषय में जानकारी देना
6. चचत्रकला: गचत्रकिा क
े अंतगटत पौधों, पिुओ तथा मानव आकृ ततयों क
े आरेखों को िाशमि ककया
गया है|
गचत्रकिा शिक्षण क
े उद्देकय तनम्न शिझखत है|
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
i) आक्रततये से सम्बंगधत स्मरण िष्ट्क्त को ववकशसत करना
ii) डर्जाइन बनाने तथा सजावर् की क्षमता को ववकशसत करना
iii) प्रक्रतत तथा किा सौन्दयट क
े ज्ञान का ववकास करना
7. सींगीि:- संगीत शिक्षण का उद्देकय छात्रों को सुंदर गीत शसखाना तथा उनमे संगीत क
े प्रतत िगाव
उत्पन्न करना परंतु संगीत क
े शिए क
े वि सवोतम गीतों का ही चयन करना चादहए
8. ठहींदुस्िानी:- दहंदुस्तानी शिक्षण का व्यापक उद्देकय प्रत्येक ववघाथी को िोकभाषा क
े सम्बंध में
जानकारी देना था इसका िाभ यह होगा की ववघाथी भारत क
े ककसी भी प्रदेि में स्वय को अजनवी
महसूस नही करेगे|
बुतनयाद िाल ि की सफलिा क
े मलए सुझाि
i) बुतनयादी तािीम 7+ की आयु से 14 वषट की आयु तक होनी चादहए
ii) तािीम बािक-बाशिका क
े शिए तनिुल्क तथा अतनवायट होनी चादहए
iii) ववघािय क
े पास इतनी भूशम हो कक उसमे कक्षाएं, वादर्का तथा खेि का मैदान भी बन सक
े |
iv) ववघाथी को क
ु पोषण से बचाया जाए तथा उन्हे स्क
ू ि में क
ु छ हल्का आहार ददया जाए|
v) ववघािय में रोजाना कम से कम छ: घंर्े, माह में 24 ददन तथा वषट में 288 ददन कायट होना चादहए|
vi) कक्षा में छात्रो की संख्या 30 से अगधक नहीं होनी चादहए
vii) जहा तक संभव हो मदहिाओं को शिक्षण क
े शिए तनयुक्त ककया जाए
बुतनयाद िाल ि की सिीक्षा:- बुतनयादी तािीम क
े द्वारा एक आदिट भारत क
े तनमाटण की कल्पना की
गई थी परंतु इसक
े शसद्दांतो में अनेक त्रुदर्या रही जैसे गााँधीजी ने हस्तकिा द्वारा ववघािय की ववत्तीय
जरूरत पूरी करने का ववचार रखा था परंतु बबना सरकार क
े सहयोग क
े यह संभव नहीं हो सकता
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
सरकार की अकक्रयाशििता तथा वविेषज्ञों की कमी ने बुतनयादी शिक्षा क
े मागट में बाधाए उत्पन्न की है|
कोई भी ववघािय वतटमान समय में ऐसा नहीं है जो सशमतत क
े बनाए गए तनयमों पर खरा उतर
सक
े |
तनष्कषट:- अगर भारतीय बाि- बाशिकाओं को बुतनयादी तािीम द्वारा शिक्षक्षत ककया जाए तो इससे भारत
का ववकास तीव्र गतत से हो सकता है| बुतनयादी तािीम हमारे समाज क
े कमजोर वगों क
े शिए
कल्याणकारी है| माध्यम तथा उच्च वगट इसका ततरस्कार तथा आिोचना करते है परंतु बुतनयादी
तािीम क
े आधारभूत शसद्दांत इतने अगधक महत्वपूणट है कक शिक्षा क
े सभी स्तरों पर उन्हे िागू
करना चादहए|
प्रश्न 4. विश्ि विघालय मशक्षा आयोग (िार्ाकृ ष्णन आयोग 1948-49) की मसफारिशों की आलोचनात्िक
सिीक्षा किे?
उत्तर: भारत में स्वतंत्रता प्राष्ट्प्त क
े पकचात ् उच्च शिक्षा में सुधार िाने क
े शिए ववशभन्न कशमयों को दूर
करने की आवकयकता महसूस हुई| रारि की आवकयकताओं क
े अनुरूप उच्च शिक्षा का पुनटगठन करने क
े
शिए एक प्रस्ताव पाररत ककया गया कक भारत सरकार भारतीय ववकव ववघाियों का मागटदिटन करने क
े
शिए एक आयोग का गठन करे फिस्वरूप भारत सरकार ने 4 नबम्बर 1948 को र्ा० राधाकृ रणन की
अध्यक्षता में ववकवववघािय शिक्षा आयोग का गठन ककया |
आयोग क
े कायटक्षेत्र:- र्ा० सवटपल्िी राधाकृ रणन की अध्यक्षता में गदठत इस आयोग ने उच्च शिक्षा क
े
ववशभन्न पक्षों जैसे उच्च शिक्षा क
े उद्देकय अध्यापकों की सेवाितें, शिक्षा का स्तर, पाठ्यक्रम व्यवसातयक
शिक्षा , परीक्षा प्रणािी , छात्र कल्याण अथटव्यवस्था आदद क
े सम्बंध में महत्वपूणट सुझाव ददये|
1 ) विश्िविघालय मशक्षा क
े उद्देश्य :-
i) ऐसे व्यष्ट्क्तओं का तनमाटण करना जो राजनीतत, प्रिासन, व्यवसाय व उघोग आदद क्षेत्रों में नेतृतव
प्रदान कर सक
े
ii) छात्रों में उत्तम नागररक क
े गुणों को ववकशसत करना
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
iii) ववघागथटयो का िारीररक, मानशसक ववकास तथा अध्याष्ट्त्मक ववकास करना
iv) ववकवववघािय समाज सुधारक प्रततभाओं को जन्म देता है|
v) व्यष्ट्क्त क
े अंदर तछपे गुणों को खोजना तथा उसे प्रशिक्षण देना
vi) स्वतंत्रता, समानता न्याय व बधुता आदद आदिों का संरक्षण करना
2. अध्यापक कल्याण :- अध्यापकों क
े महत्व को स्वीकारते हुए आयोग ने अध्यापको क
े वेतनमान और
सेवा ितो में सुधार करने तथा उन्हे जीवन बीमा, पेंिन व आवास की सुववधाएाँ देने की शसफाररि की है|
3) उच्च मशक्षा का स्िि:- उच्च शिक्षा क
े गगरते स्तर को सुधारने क
े शिए आयोग ने ववकवववघाियों व
कािेजों में अनेक प्रावधान ककये है जैसे ववधागथटयों की तनयंबत्रत संख्या, ववघािय से पहिे 12 वषट की
शिक्षा कम से कम 180 ददन का कायट ददवस िाइब्रेरी और प्रयोगिािाओं का आधुतनकरण आदद
4) अध्यन पाठ्यक्रि:- ववशिरठीकरण की अतत को दूर करने क
े शिए आयोग ने सामान्य शिक्षा को
अपनाने पर जोर ददया|
5) स्नािकोत्ति मशक्षा िथा अनुसींर्ान:- आयोग ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम क
े शिए एक ववशिरर् ववषय का
अध्यन का सुझाव ददया ष्ट्जसे PHD कहते है इसक
े छात्रो का चयन अझखि भारतीय स्तर पर ककया जाए|
6) िृवत्तक मशक्षा:- आयोग ने कृ वष, वाझणज्य, व तकनीकी, कानून तथा गचककत्सा शिक्षा क
े क्षेत्र में सुधार
क
े सुझाव ददये |
7) मशक्षा का िाध्यि:- आयोग ने कहा कक अंग्रेजी क
े स्थान पर भारतीय भाषा को उच्च शिक्षा माध्यम
बनाना चादहए तथा अंतरारर्ीय भाषाओँ क
े िब्दों को ज्यो का त्यों स्वीकार कर िेना चादहए|
8) पि क्षा प्राणल :- i) परीक्षाओं का उद्देकय िैक्षझणक होना चादहए परीक्षाएं मानशसक योग्यता मापने में
सहायक है
ii) तनबंधात्मक परीक्षा को समाप्त करने क
े बजाए उसक
े दोष दूर करें
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
TutorialsDuniya.com
Download Delhi University Previous Year Question
Papers with Solutions from TutorialsDuniya.com
 General Electives  AECC
 B.Sc. (H) Computer Science  B.Sc. (H) Mathematics
 B.Sc. (H) Chemistry  B.Sc. (H) Physics
 B.Sc. (H) Electronics  B.Sc. (H) Statistics
 B.Sc. (H) Botany  B.Sc. (H) Geology
 B.Sc. (H) Home Science  B.Sc. (H) Zoology
 B.Com (H)  B.Sc. (H) Microbiology
 B.Sc. Physical Science  B.Sc. Mathematical Science
 B.A. Programme  BMS
 B.A. (H) Psychology  B.Sc. Life Science
 B.A. (H) Economics  B.A. (H) English
 B.A. (H) Hindi  B.A. (H) History
 B.A. (H) Journalism  B.A. (H) Philosophy
 B.A. (H) Political Science  B.A. (H) Geography
 B.A. (H) Sanskrit  B.A. (H) Sociology
Please Share these Question Papers with your Friends
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
iii) कक्षा कायों को भी परीक्षा में महत्त्व शमिना चादहए| और इसक
े शिए 1/3 अंक भी ददये जाने चादहए|
iv) क
े वि वही व्यष्ट्क्त तनयुक्त हो जो ककसी ववषय को 5 वषो से पढ़ा रहे है
v) परीक्षा का स्तर उठाने क
े शिए प्रथम ददतीय व तृतीय श्रेणी क्रमि: 70,55 ,व 40 प्रततित पर
तनधाटररत हो
vi) व्यावसातयक और स्नातकोत्तर परीक्षाओं क
े शिए मौझखक परीक्षाओं का भी प्रयोग ककया जाए|
9. र्ामिटक मशक्षा:- राधाकृ रणन क
े अनुसार धाशमटक शिक्षा से अथट ककसी एक धमट की शिक्षा से नहीं
बष्ट्ल्क अध्याततम्क शिक्षा से है| सभी शिक्षण संस्थाओं में मौन गचंतन क
े पकचात ् कायट आरंभ हो तथा
कक्षा क
े अनुसार धमट सम्बन्धी पुस्तक
े पढाई जाए| और धमट दिटन में िोध करने क
े शिए ववघागथटयों को
प्रेररत ककया जाए|
10. छात्र कल्याण:- आयोग ने छात्रों क
े दहतों का ध्यान रखने क
े शिए ववकवववघाियों तथा कािेजों में
छात्र कल्याण पररषदे बनानी चादहए|
11. नाि मशक्षा:- आयोग ने पुरषों क
े साथ –साथ मदहिाओं की शिक्षा पर भी जोर ददया तथा मााँग की
कक मदहिा शिक्षकों को भी समान कायट क
े शिए समान वेतन शमिना चादहए
आिोचना:- i) आयोग की अगधकांि शसफाररिों परम्परागत है और इनमे कोई मौशिकता क
े दिटन नहीं
होते
ii) आयोग ने िशित किाओं क
े ववषय में क
ु छ भी उल्िेख नही ककया क
े वि मानतीय ववषयों पर ही
ववचार प्रकर् ककये है|
iii) अध्यापकों क
े वेतन क्रम सम्बंधी सुझाव वतटमान दिा क
े अनुक
ू ि नहीं हैं उन्हे पूणटत: व्यवहाररक
भी नहीं कहा जा सकता
iv) आयोग क
े धाशमटक शिक्षा और स्त्री शिक्षा से सम्बंगधत सुझाव अस्परर् तथा अपयाटप्त है |
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
v) ग्रामीण ववकव ववघाियों क
े ववषय में कोई वविेष प्रकाि नहीं र्ािा है कक उनका गठन ककस प्रकार
ककया जाए
तनरकषट:- राधाकृ रणन आयोग ने भारतीय ववकवववघाियों से सम्बंगधत समस्याओं पर सुझाव ददये हैं| परंतु
इस आयोग की आिोचना भी की गई जैसे-इस आयोग क
े प्रततवेतन में नवीनता का अभाव है; रारि
धाशमटक शिक्षा का रष्ट्रर्कोण असारठ है परंतु इन आिोचनाओं से आयोग का महत्त्व कम नहीं होता |
सच तो यह है कक यदद ये सुझाव स्वीकार कर शिए जाते तो ववकवववघािय शिक्षा की रुपरेखा ही बदि
गई होती| हािााँकक क
ु छ कारणों से इस आयोग की शिफाररिे िागू नहीं हो सकी परंतु इसका योगदान
अत्यंत महत्वपूणट हो सकता था|
प्रश्न 5. िाष्र य मशक्षा नीति 1964-66 (कोिाि आयोग) पि प्रकाश डाले
अथिा
कोिाि किीशन ने भािि क
े तनिाटण क
े मलए र्ेक्नालोजी मशक्षा पि बल क्यों ठदया |
उत्तर: कोठारी आयोग का गठन भारत सरकार ने 14जुिाई 1964 ई० में ककया काठोरी आयोग ने
प्राथशमक, माध्यशमक ववकव ववघािय स्तर की शिक्षा का स्तर उठाने क
े शिए एक ररपोर्ट तैयार की|
आयोग ने अपनी ररपोर्ट 19 जून 1966 को शिक्षा मंत्री श्री करीम छागिा को सौप दी|
कोठारी आयोग क
े उद्देकय:- i) धमट तनरपेक्ष िोकतंत्र की स्थापना करना |
ii) जनता की तनधटनता को खत्म करना तथा तेज गतत से देि का ववकास
iii) औघोगगक क्षेत्र में आत्मतनभटरता प्राप्त करना और ववज्ञान तथा र्ैक्नोिोजी क
े क्षेत्र में प्रगतत करना |
iv) स्वंतत्रता प्राष्ट्प्त क
े पकचात ् शिक्षा में सुधार क
े शिए जो आयोग उनकी शसफाररिों को िागू नहीं
ककया जा सका था अत: कोठारी आयोग का उद्देकय वे कायट करना था जो शिक्षा क
े शिए अब तक नहीं
हुये |
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
आयोग की शिफाररिे और सुझाव:- भारतीय शिक्षा प्रणािी का गहन अध्यन और ववकिेषण करने क
े
पकचात ् आयोग ने तन० शि० सुझाब प्रस्तुत ककये|
1) मशक्षा औि िाष्र य लक्ष्य:- कोठारी आयोग क
े अनुसार हमारी सभी सामाष्ट्जक, आगथटक और
राजनीततक समस्याओं का समाधान शिक्षा क
े द्वारा ही संभव है आयोग ने सामाष्ट्जक और रारिीय एकता
क
े शिए आयोग ने सुझाव ददया कक सामान्य ववघािय प्रणािी क
े िक्ष्य को 20 वषट क
े अंदर पूरा ककया
जाए और सामाष्ट्जक तथा रारिीय सेवा को अतनवायट बना ददया जाए| 14 वषट तक क
े हर बच्चे को
तनिुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जाए तथा शिक्षा का आधुतनकरण ककया जाए|
2) मशक्षा की सींिचना:- आयोग क
े अनुसार सामान्य शिक्षा की क
ु ि अवगध 10 वषट हो | पहिी कक्षा क
े
शिए 6 साि से कम आयु क
े बच्चे शिए जाए| माध्यशमक शिक्षा का कायट 7 या 8 वषट रखा जाए|
उच्चतर माध्यशमक शिक्षा क
े बाद 3वषट का प्रथम डर्ग्री कोसट हो| द्दीतीय डर्ग्री कोसट की अवगध 2 या 3
वषट होनी चादहए|
प्राथशमक स्क
ू िों में पढ़ाई 234 ददन होनी चादहए| माध्यशमक स्क
ू ि में रोजाना 6 घंर्े तथा एक वषट में
कम से कम 1000 घंर्े पढ़ाया जाए|
3) मशक्षको को जस्थति:- कोठारी आयोग क
े अनुसार सरकारी और गैरसरकारी ववघाियों में कायट करने
वािे अध्यापकों को समान सुववधाएाँ और समान वेतन शमिना चादहए|
4) अध्यापक मशक्षा :- कोठारी आयोग क
े अनुसार प्राइमरी शिक्षा क
े शिए सैक
े ण्र्री स्क
ू ि पास शिक्षको
की भती होनी चादहए इसक
े शिए प्रशिक्षण की अवगध 2 वषट होनी चादहए M.A और B.ed की उपागध
भी दो वषट में दद जाए| धाशमटक शिक्षा स्नातक शिक्षकों क
े क
ु छ समय क
े शिए प्रशिक्षण एक वषट तथा
बाद में 2 वषट रखा जाए|
प्रशिक्षण सुववधाओं में ववस्तार ककया जाए और अध्यावपक शिक्षा क
े स्तर को ऊ
ाँ चा उठाया जाए|
5) छात्र सींख्या औि जनबल:- आयोग ने छात्र संख्या और जनबि क
े अंतगटत ् मुख्यत: दो ववचारों पर
ववचार ववमिट ककया (1) माध्यशमक एवं उच्च शिक्षा की छात्र संख्या सम्बन्धी नीतत (2) छात्र संख्या की
रारिीय नीतत|
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
आयोग क
े अनुसार तनरक्षरता का अमूिन ककया जाए तथा िैक्षक्षक स्तरों की समानता क
े शिए पंचवषीय
योजनाओं क
े अन्तगटत माध्यशमक शिक्षा तनिुल्क कर दी जाए| उच्यतर और ववकवववघािय शिक्षा को
तनिुल्क देने क
े शिए पहिे 30% बच्चों को तनिुल्क शिक्षा दी जाए तथा ववशभन्न क्षात्रो क
े शिए छात्रवृतत
का प्रबंध ककया जाए|
6) मशक्षा का विस्िाि: - शिक्षा ववस्तार क
े शिए प्रत्येक राज्य क
े राजकीय शिक्षा संस्थान में “पूवट
प्राथशमक शिक्षा” क
े ववस्तार क
े शिए एक क
ें र की स्थापना की जाए|
धाशमटक ववघाियों क
े 50% बच्चों को व्यवसातयक शिक्षा दी जाए
आयोग ने बािक और बाशिकाओं क
े शिए एक ही प्रकार का पाठ्यक्रम िागू करने का सुझाव ददया और
साथ ही यह सुझाव भी ददया कक बािकों क
े पाठ्यक्रम में ग्रह ववज्ञान, संगीत और िशित किाओं को
महत्वपूणट स्थान ददया जाए|
7) भाषा की सिस्या:- भाषा क
े सम्बंध में कोठारी आयोग क
े सुझाव तन० शि० है|
(क) िीन भाषायी सूत्र – भावनात्मक एकता को ध्यान में रखकर आयोग तीन भाषायें पढ़ाने की शसफाररि
की आयोग का उद्देकय उत्तर की भाषा को दक्षक्षण और दक्षक्षण की भाषा को उत्तर में पढवाना था ष्ट्जससे
सम्पक
ट में आसानी हो आयोग ने तीन भाषाओँ की शसफाररि की|
• मातृभाषा अथवा प्रादेशिक भाषा
• संध की भाषा या सह राजभाषा
• एक आधुतनक भारतीय या युरोयीय भाषा
(ख) विमभन्न भाििीय भाषाओँ क
े स्थान:- आयोग ने यह शसफाररि की है की प्रत्येक आधुतनक
भारतीय भाषा का क
ु छ सादहत्य देवनागरी शिवप और रोमन शिवप में प्रकाशित होना चादहए| क्योंकक
भारतीय शिवप में अध्यन कदठन हो जाता है| आयोग ने मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाने का
सुझाव ददया है|
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
(ग) भाििीय भाषाओँ क
े विकास का सुझाि:- आयोग ने दहंदी क
े अिावा आधुतनक भारतीय भाषाओं
क
े ववकास का सुझाव भी ददया है ताकक एक राज्य दूसरे राज्य से सम्पक
ट बना सक
े | आयोग ने
स्क
ू िों और कािेजों में आधुतनक भाषाओँ को पढ़ाने पर वविेष बि ददया|
(घ) अींग्रेजी पि बल :- आयोग ने अंग्रेजी पर वविेष बि ददया तथा यह शसफाररि भी की गई कक
क
े न्रीय संस्थाओं और ववकवववघाियों में अंग्रेजी को ही शिक्षा का माध्यम बनाया जाना चादहए और
िोधकायट (PHD ) क
े शिए क
े वि उन ववघाियों को चुना जाना चादहए ष्ट्जनमे शिक्षा का माध्यम
अंग्रेजी हो|
आयोग का िूल्याकन:- कोठारी आयोग क
े सम्बन्ध में ववचार को क
े दो प्रकार क
े तक
ट है|
i) पक्ष िें िक
ट – ववधानों का एक वगट सुझावों की प्रसंिा करता है क्योंकक आयोग ने शिक्षको की
वेतन-वृद्गध का सुझाव ददया| शिक्षा की नवीन योजना प्रस्तुत की, ववज्ञान शिक्षा पर बि ददया,
भाषा की समस्या का समाधान प्रस्तुत ककया और उसक
े सुझावों से ववघागथटयों , शिक्षकों और
अशभभावकों सभी को िाभ होगा आयोग क
े सुझाव अत्यंत व्यवहाररक है|
ii) विपक्ष िें िक
ट :- कोठारी आयोग क
े आिोचकों का तक
ट है कक राधाकृ रणन और मुिाददयर आयोग
क
े तुरंत बाद इसकी आवकयकता नहीं थी| आयोग ने शिक्षकों क
े कल्याण की चचाट नहीं की है
ववघािय क
े शिक्षको ने असंतोष व्यक्त ककया है|
आिोचकों क
े अनुसार आयोग दहंदी भाषा की अवहेिना करता है क्योंकक आयोग ने अंग्रेजी और दहंदी
क
े अध्यन की वैकष्ट्ल्पक रखा है यह दहन्दी क
े शिए हातनकारक है क्योंकक कोई भी छात्र वतटमान
समय में अंग्रेजी को नहीं छोड़ेगा|
प्रश्न 6. “ तनजीकिण की प्रिृति ने मशक्षा क
े क्षेत्र िें सींख्यात्िक सिक औि गुणित्ता पि असि डाला
है” कथन की सिीक्षा किे?
अथिा
उच्च मशक्षा का तनजीकिण होना चाठहए क्या आप सहिि है
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
उत्तर: भारत में तनजीकरण का आरंभ 90 क
े दिक में हुआ| तथा ववशभन्न क्षेत्रों में तनजीकरण की
मान होने िगी है|
तनजीकिण का अथट:- वे कक्रयाएं या उघम ष्ट्जन्हें पहिे सरकार या राज्य द्वारा संचाशित ककया जाता
था परंतु बाद में क
ु छ कारणों से उन्हे तनजी कम्पनी या उघमी को संचाशित करने क
े शिए सौंप ददया
जाता है तनजीकरण कहिाती है| तनजीकरण क
े द्वारा िागत में कमी िाकर गुणवत्ता में सुधार का
प्रयास ककया जाता है|
मशक्षा िें तनजीकिण:- शिक्षा क
े क्षेत्र में भी तनजीकरण बढ़ता जा रहा है| आज शिक्षा क
े क्षेत्र में
स्वववत्त पोवषत संस्थाओं की भरमार होती जा रही है| पूणटत: तनजीकरण वािी शिक्षा प्रणािी का
आिय एक ऐसी प्रणािी से है ष्ट्जसमे तन० बाते िाशमि हो|
i) सभी औपचाररक और गैरौपचाररक शिक्षण संस्थाओं की प्रबंध व्यवस्था तनजी हाथों में होती है|
ii) हर प्रकार और हर स्तर की शिक्षा पर तनजी क्षेत्रों का तनयंत्रण हो
iii) शिक्षा की हर प्रकार की ववत्तीय जरूरते नीष्ट्ज साधनों से पूरी की जाती है|
iv) शिक्षण संस्थाओं क
े तनयमन और तनयंत्रण का अगधकार सरकार कको नहीं होता |
भािि िें मशक्षा क
े तनजीकिण का इतिहास:- भारत में तनजीकरण की व्यवस्था प्राचीन काि से चिी
आ रही है उस समय शिक्षा धमट पर आधाररत थी तथा राज्य का कोई तनयंत्रण नहीं था| भारत में
अनेक ख्यातत प्राप्त ववकव ववघािय थे जैसे तक्षशििा, नािेदा आदद|
इन्हें उच्च शिक्षा क
े उतम क
ें र भी कहा जाता था| सरकार बबना ककसी तनयंत्रण और ितट क
े इन
शिक्षा संस्थाओं नीतत 1986 क
े भाग 10-c में कहा गया है कक “जनता की भागीदारी गैर सरकारी
एजेंशसयों और स्वयंसेवी अथवा स्वैष्ट्च्छक प्रयास सदहत िोगो को िाशमि करने क
े शिए प्राथशमकता
प्रदान करना” इस कथन से शिक्षा में तनजीकरण क
े महत्व का पता चिता है|
शिक्षा में तनजीकरण क
े िाभ:-
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
i) तनजीकरण क
े फिस्वरूप शिक्षा का प्रसार हो रहा है
ii) ष्ट्जन िोगों को प्रततयोगी परीक्षाओं में असफि होने क
े कारण प्रवेि नहीं शमि पाता वे आगधक
धन करक
े शिक्षा प्राप्त कर सकते है
iii) शिक्षा में तनजीकरण क
े द्वारा देि का धन सकारात्मक कायो में िग रहा है| तथा बेरोजगारी को
दूर करने में सहायता शमिी है
iv) शिक्षण संस्थाओं की स्थापना से सम्बंगधत रोजगार, छात्रवास कैं र्ीन सेवायें, स्र्ेिनरी तथा
पष्ट्ब्ििसट को ववकास करने क
े अवसर शमिे है|
v) योग्य व्यष्ट्क्तयों को अपनी प्रततभा का ववकास करने क
े अवसर प्राप्त होते है|
vi) वे िोग भी शिक्षा प्राप्त कर सकते है जो ककसी कारण वषट शिक्षा छोड़ चुक
े थे|
मशक्षा क
े तनजीकिण की हातनयााँ:- i) शिक्षा , व्यापार बन गई है तथा उपभोक्ता और तनयोजक दोनों
इसी रष्ट्रर् का ववकास कर रहे है|
ii) तनजीकरण क
े कारण प्रततभा होते हुए भी प्रवेि नहीं िे पाते|
iii) बड़े – बड़े उघोग पततयों ने शिक्षा संस्थाओं को सहयोगी उघोग क
े रूप में स्थावपत ककया है|
iv) तनजीकरण क
े कारण शिक्षा मंहगी हो गई है पूवट प्राथशमक, प्राथशमक तथा माध्यशमक स्तर कम
से कम 1000 रु/माह एक बािक का खचट आता है ष्ट्जससे सामान्य वेतन वािों क
े शिए परेिानी है|
v) शिक्षकों का िोषण होता है तथा उन्हे पूरा वेतन तथा िैक्षक्षक सुववधाएं प्राप्त नही होती
vi) अगधकतर संस्थाओं में योग्य शिक्षक मंर्ि नहीं होता तथा इन संस्थाओं में िैक्षक्षक सुववधाओं का
अभाव होता है|
तनजीकिण को सफल बनाने क
े सुझाि :- सरकारें तनरंतर बढ़ते बोझ क
े कारण शिक्षा से दूर होती जा
रही है सरकार की अकक्रयािीिता की वजह से ही हम अब तक भी चौदह वषट तक आयु क
े बािकों क
े
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
शिए अतनवायट तनिुल्क एवं सववभौशमक शिक्षा क
े िक्ष्य की प्राष्ट्प्त नहीं कर पाए है| ऐसी ष्ट्स्थतत में
तनजीकरण ही एक मात्र िक्ष्य है ष्ट्जसक
े द्वारा शिक्षा को प्रत्येक वगट तक पहुचाया जा सकता है|
तनजीकरण में मुनाफाखोरी तथा आगथटक िोषण पर तनयंत्रण करने क
े साथ-साथ िैक्षक्षक स्तर में
सुधार क
े शिए तन० शि० सुझावों पर ध्यान देना चादहए|
i) तनजीकरण में मुनाफाखोरी की प्रवृवत्त पर रोक िगाई जाए|
ii) संस्थान को मान्यता देते समय इस बात का ध्यान रक्षा जाए कक ऐसी संस्थाओं में प्रिासतनक
योजना बनाई जाए ष्ट्जसमे सरकार, शिक्षा ववभाग, समाज, छात्रो तथा अध्यापकों का प्रतततनगधत्व हो|
इन प्रतततनगधयों क
े सिक्त आगधकार हो|
iii) शिक्षकों की सेवा ितों का संरक्षण सरकार द्वारा ककया जाए|
iv) तनजीकरण द्वारा शिक्षा संस्थाये, संस्थाओं क
े रूप में चिाई जाये न की दुकानों क
े रूप में|
v) संस्थाये स्थानीय आवकयकताओं क
े अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करे|
vi) प्रजातंत्र की भावना ववकशसत की जाए
हमे ववकवास है कक यदद ये सुझाव अपनाये जायें तो तनजीकरण शिक्षा क
े प्रसार में बाधक नहीं होगा|
प्रश्न िाष्र य मशक्षा नीति 1986 पि चचाट किे?
उत्तर: नईरारिीय शिक्षा नीतत रारिीय तनमाटण की प्रकक्रया क
े दौरान भारत सरकार ने अगस्त 1985
में एक दस्तावेज “शिक्षा की चौनोती: नीतत सम्बंधी “ जारी ककया गया इसक
े बाद मई 1986 में
भारत सरकार ने शिक्षा नीतत 1986 का प्रारूप तैयार ककया और इसे जारी ककया | इस शिक्षा नीतत
को तन० प्रकार से ववस्तार पूवटक समझाया जा सकता है|
खण्ड एक : प्रस्तावना:- वतटमान समय में यह मांग उठ रही है कक देि क
े समस्त संसाधनों का पूणट
प्रयोग ककया जाए और देि क
े आगथटक तथा तकनी कक ववकास का िाभ सबको शमिना चादहए इसी
उद्देकय को ध्यान में रखकर जनवरी 1985 में रारिीय शिक्षा नीतत क
े तनमाटण की घोषणा की गई|
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
खण्ड दो : शिक्षा का सार तथा भूशमका:- हमारे रारि पररप्रेक्ष में शिक्षा सभी क
े शिए है| अत: ऐसी
शिक्षा की आवकयकता है जो रारिीय एकता, वैज्ञातनक रष्ट्रर्कोण को बढ़ाती हो| अथाटत ् शिक्षा का
मुख्य उद्देकय मानव िष्ट्क्त का ववकास करना है|
खण्ड िीन : शिक्षा की रारिीय प्रणािी:- शिक्षा की रारिीय प्राणिी क
े अंतगटत सभी छात्रों को बबना
जातत, धमट ,रंग क
े भेदभाव क
े गुणवत्ता वािी शिक्षा शमिे| 10+2+3 संरचना को देि क
े सभी भागों
में स्वीकार ककया जा चुका है| ष्ट्जसे तनम्नप्रकार से समझा जा सकता है
i) पहिे 10 वषट की शिक्षा में 5 वषट प्राथशमक 2 वषट उच्च प्राथशमक और 2 वषट हाई स्क
ू ि की शिक्षा
होगी|
ii) शिक्षा छोड़ चुक
े युवको, मदहिाओं, कृ षकों आदद को अपनी शिक्षा पूणट जारी करने क
े शिए अवसर
प्रदान ककये जाएंगे| इसक
े शिए मुक्त शिक्षा संस्थानों पर जोर ददया जाएगा|
iii) ववकवववघािय अनुदान आयोग (UGC ) , आझखि भारतीय तकनीकी शिक्षा पररषद तथा भारतीय
गचककत्सा पररषद (TMC) की योजना में सुधार ककया जाएगा|
iv) राज्य तथा क
ें र सरकारे (NCERT) तथा (NUEPA) क
े साथ शमिकर शिक्षा नीतत को सफि
बनाने क
े शिए प्रयास करेगी|
खण्ड चाि: समानता क
े शिए शिक्षा:- i) नई शिक्षा नीतत 1986 शिक्षा क
े शिए समान अवसरों क
े शिए
तन० शि० प्रयास करेगी|
ii) अनुसूगचत जातत एवं जन जाततये क्षेत्रों में स्क
ू िों, बाि-वाडर्यो तथा प्रौढ़ शिक्षा क
े न्रों की
स्थापना की जाएगी |
iii) ग्रामीण क्षेत्रों में, उपयुक्त प्रोत्साहन ददया जाएगा| पवटतीय वरेगगस्तानी ष्ट्जिों, दूरवती व अगम्य
स्थानों में शिक्षा का ववस्तार ककया जाएगा|
iv) ववकिांग तथा वविेष आवकयकता वािे बच्चों क
े शिए उनकी आवकयकता क
े अनुसार ववघािय
खोिे जाएंगें |
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
खण्ड पााँच :ववशभन्न स्तरों पर िैक्षक्षक पुनटगठन:-
a) पूणट बाल्यकाि पररचयीव शिक्षा:- पोषण, स्वास्थ तथा सामाष्ट्जक, मानशसक, िारीररक, नैततक व
ववकास की रष्ट्रर् से पूवट बाल्यकाि देखभाि पर ध्यान देना |
b) प्रारष्ट्म्भक शिक्षा:- 14 वषट की आयु तक बािको को सववभौशमक शिक्षा प्रदान की जायेगी और
प्राथशमक स्क
ू िों की सुववधाओं पर ध्यान ददया जाएगा|
c) माध्यशमक शिक्षा – माध्यशमक शिक्षा को बढ़ाया जाएगा और ववशिरठ योग्यता वािे बािको क
े
शिए देि क
े ववशभन्न भागों में स्क
ू ि खोिे जाएंगे|
d) व्यवसायीकरण :- सरकारों की यह ष्ट्जम्मेदारी है कक वे व्यावसातयक पाठ्यक्रमो का आरंभ करे|
e)उच्च शिक्षा :- उच्च शिक्षा प्रदान करने ववकव ववघाियों में अनुसंधान को आगधक सहायता दी
जाएगी | दाझखिों को क्षमता क
े अनुसार तनयंबत्रत ककया जाएगा|
f) खुिा ववकव ववघािय व दूरस्थ शिक्षा :- उच्च शिक्षा क
े अवसरों को बढ़ाने क
े शिए इंददरा गााँधी
रारिीय खुिा ववकवववघािय को सुरढ़ ककया जायेगा |
g) ग्रामीण ववकवववघािय:- ग्रामीण ववकवववघाियों क
े ववकास क
े शिए प्रयास ककये जाएंगे| तथा गााँधी
जी बुतनयादी शिक्षा संस्थानों को सहायता प्रदान की जाएगी|
खण्ड छ: : तकनीकी तथा प्रबंध शिक्षा :- तकनीकी शिक्षा का ववस्तार करने क
े कम्पूर्र शिक्षा को
बढ़ावा ददया जाएगा और इसक
े शिए धन खचट ककया जाएगा तथा मदहिाओं और आगथटक रूप से
कमजोर िोगो को भी तकनीकी शिक्षा प्रदान करने की कोशिि की जायेगी|
खण्ड साि: शिक्षा प्रणािी का कक्रयान्वयन:- अध्यापको की ष्ट्जम्मेदारी, बेहतर छात्र सेवाओं, संस्थाओं
में अगधक सुववधाओं का समय-समय पर मूल्याकन ककया जाएगा|
खण्ड आि: पाठ्क्रम का नवीनीकरण:- समय-समय पर पाठ्यक्रम का नवीकरण ककया जाएगा |
ष्ट्जससे शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे| नए पुस्तकाियों की स्थापना की जाएगी| कफल्मो, रेडर्यो,
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
र्ेिीववजन तथा संचार साधनों द्वारा दहंसा, अिगाववाद आदद बढ़ाने वािी प्रवृततयों पर रोक िगाई
जाएगी|
ववज्ञान शिक्षा कायटक्रम इस तरह से तनशमटत ककये जाने चादहए कक छात्र समस्या का समाधान तथा
तनणटय िेने योग्य बना सक
े |
खण्ड नौ: अध्यापक :- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार क
े शिए योग्य एवं प्रशिक्षक्षत शिक्षकों की तनयुष्ट्क्त
की जाए तथा समय –समय पर उन्हे प्रशिक्षण भी ददया जाएगा| शिक्षको को उगचत वेतन और
सुववधाए दी जाएाँगी ताकक उनकी एकाग्रता बनी रहे |
खण्ड दस: शिक्षा का प्रबन्ध :- शिक्षा की योजना एवं प्रबंध प्रणािी में बदिाव िाने क
े प्रयास ककये
जायेंगे दीघटकािीन योजना बनाने, ववक
ें रीकरण व शिक्षा संस्थाओं की स्वायता की भावना का
तनमाटण, योजना व प्रबन्ध में मदहिाओं की सहभागगता, उद्देकयों व मानको क
े सम्बन्ध में
उत्तरदातयत्व, इस पररवतटन में महत्वपूणट तनदेिक बबन्दु होंगे|
खण्ड ग्यािह: संसाधन तथा समीक्षा:- शिक्षा पर खचट करने क
े शिए धन जुर्ाने क
े शिए कर िगाये
जा सकते है| नई नीतत क
े ववशभन्न प्रावधानों क
े कक्रयान्वयन की प्रत्येक पााँच वषट बाद समीक्षा की
जानी चादहए|
खण्ड बािह: भावी स्वरूप :- भारतीय शिक्षा का भावी स्वरूप इतना जदर्ि होगा कक इसे ठीक-ठीक
आाँकना सम्भव नहीं है| मुख्य कायट शिक्षा प्रणािी क
े तनचिे स्तर को सुरढ़ करना है| ष्ट्जसमें इस
िताब्दी क
े अंत तक िगभग एक अरब िोग होंगे| यह भी सुतनष्ट्कचत करना होगा कक शिक्षा प्रणािी
क
े सबसे उत्तरी स्तर क
े िोग ववकव क
े श्रेरठतम व्यष्ट्क्तयों में सष्ट्म्मशित हो|
तनरकषट:- सन 1986 में राजीव गााँधी सरकार द्वारा शिक्षा की नई नीतत की घोषणा की गई| इस
नीतत में रारिीय ववकास में शिक्षा की भूशमका को वविेष महत्व ददया गया है इस नीतत में
10+2+3 की रारिीय शिक्षा प्रणािी को अपनाने, िैक्षक्षक अवसरों की एक समान उपिब्ध सुतनष्ट्कचत
करने , तकनीकक शिक्षा में सुधार करने, तथा अध्यापकों क
े उत्तरदातयत्व को सुतनष्ट्कचत करने क
े
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
संकल्प शिए गए थे परंतु राज्य व क
ें र सरकारों की अकक्रयािीिता क
े कारण अभी इन उद्देकयों को
प्राप्त करना दूर िगता है|
प्रश्न: िाष्र य अध्यापक मशक्षा परिषद क
े गिन एिीं कायो का िणटन किे?
अथिा
मशक्षक मशक्षा (NCTE) क
े स्िि को उन्नि बनाने क
े मलए सुझाि द जजए?
उत्तर: रारिीय अध्यापक शिक्षा पररषद (NCTE) का गठन भारत में शिक्षा प्रणािी को सुधारने और
हर प्रकार की कमी को दूर करने क
े शिए ककया गया| रारिीय शिक्षक पररषद की स्थापना क
े शिए
एक अगधवेिन 1995 में पाररत ककया गया| शिक्षक शिक्षा अपने िक्ष्यों को प्राप्त कर सक
े इसक
े
शिए NCTE को क
ें र सरकार से सहायता शमिती है|
1) मशक्षक मशक्षा – अध्यापक शिक्षा से अशभप्राय ऐसे व्यष्ट्क्तयों क
े प्रशिक्षण या अनुसन्धान से है जो
पूवट प्राथशमक, माध्यशमक, उच्चत्तर माध्यशमक ववघाियों को पढ़ना चाहते है|
2) मशक्षक मशक्षा की योग्यिा:- योग्यता से अशभप्राय डर्ग्री, डर्प्िोमा या प्रमाण पत्र से है , जो ककसी
ववकवववघािय या एक्र् क
े अधीन ककसी परीक्षण संस्थान से ददया जाता हो|
रारिीय शिक्षक शिक्षा पररषद का गठन:- अध्यापक शिक्षा पररषद में क
ु ि 41 सदस्य होते हैं| भारत
सरकार का शिक्षा मंत्री इस पररषद का अध्यक्ष होता है| शिक्षा मंत्री की ओर से एक मनोतनत
सदस्य पररषद का सगचव होता है| इसी प्रकार राज्य क
े शिक्षा ववभाग से 21 , योजना आयोग से
1 सदस्य शिये जाते|
िाष्र य अध्यापक परिषद की आिश्यकिा
1) न्यूनिि सुविर्ाओीं की प्राजति- भारत की अगधकतर अध्यापक शिक्षण संस्थाओं में आधुतनक
सुववधाओं की कमी है इस पररषद का कायट धन की कमी को दूर करक
े सुववधाओं की प्राष्ट्प्त करना|
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
Page no. 1
Ph.no.: 9910414515
www.YouTube.com/sartazclasses
www.admin@sartazclasses.com
2) अनुभिी मशक्षको की सिस्या – अनुभवी और प्रशिक्षक्षत शिक्षको का देि में अभाव है ष्ट्जसक
े
कारण अनेक अध्यापक प्रशिक्षण स्क
ू ि /कािेज बंद पड़े है|
मशक्षा का विस्िाि- वतटमान समय में भारत में प्रारष्ट्म्भक शिक्षा में बड़े पैमाने पर ववस्तार तथा
माध्यशमक शिक्षा में क
ु छ मौशिक पररवतटन िाने की योजना बनाई जा रही है इसशिए रारिीय
अध्यापक शिक्षा पररषद की आवकयकता पड़ी|
मशक्षकों की मशक्षा- ववशभन्न राज्यों में प्रशिक्षक्षत शिक्षको क
े प्रततित में अंतर है राज्यों में अंतर 18%
से 99% है अनेक शिक्षक तो क
े वि शमडर्ि पास है |
कायटकाि:- अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्य सगचव चार वषट की अवगध तक क
े शिये या 60 वषट पूरे
करने तक पद पर रहेगें| ककसी भी ददिा में हुई पद ररष्ट्क्तयााँ पदानुसार भरी जाएगी |
िाष्र य अध्यापक परिषद का कायट
i) अध्यापक शिक्षा क
े क्षेत्र में सवेक्षण करना तथा पररणामों को प्रभाववत करना|
ii) अध्यापक शिक्षा क
े शिए बनाई गई योजनाओं तथा कायटक्रम क
े ववषय में क
ें र , राज्य सरकारों,
ववकवववघाियों तथा मान्यता प्राप्त संस्थाओं को सूगचत करना|
iii) देि में अध्यापक शिक्षा का समन्वय तथा तनयमन करना और शिक्षको की योग्यताओं का
तनधाटरण करना
iv) मान्यता प्राप्त संस्थाओं क
े शिए ददिा तनदेि देना और आधुतनक शिक्षण सुववधाओं क
े शिए
योजना और मागटदिटन तैयार करना|
v) मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं का समय – समय पर तनरीक्षण करना|
vi) अध्यापक शिक्षा क
े बाजारीकरण को रोकना तथा क
ें र सरकार द्वारा ददये गए ऐसे सभी
कायटकरना जो अध्यापक शिक्षा क
े शिए जरूरी हो|
रारिीय अध्यापक शिक्षा पररषद की भूशमका
T
u
t
o
r
i
a
l
s
D
u
n
i
y
a
.
c
o
m
TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें
Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes
DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes

Recommandé

Classroom instruction strategies par
Classroom  instruction  strategiesClassroom  instruction  strategies
Classroom instruction strategiesabhisrivastava11
261 vues20 diapositives
Module 9: Pedagogy of Mathematics par
Module 9: Pedagogy of MathematicsModule 9: Pedagogy of Mathematics
Module 9: Pedagogy of MathematicsNISHTHA_NCERT123
10.2K vues14 diapositives
लघु शोध ppt.pptx par
लघु शोध ppt.pptxलघु शोध ppt.pptx
लघु शोध ppt.pptxMahatma Gandhi antarrashtriya vishwavidalaya
10 vues11 diapositives
ICT IN EDUCATION par
ICT IN EDUCATIONICT IN EDUCATION
ICT IN EDUCATIONAsimGorai
41 vues39 diapositives
PPT ON MICRO-TEACHING FOR B.ED par
PPT ON MICRO-TEACHING FOR B.EDPPT ON MICRO-TEACHING FOR B.ED
PPT ON MICRO-TEACHING FOR B.EDKrishna Kumar Dingara
7.3K vues13 diapositives
peer observation and evaluation par
peer observation and evaluationpeer observation and evaluation
peer observation and evaluationabhisrivastava11
474 vues17 diapositives

Contenu connexe

Similaire à DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes

Micro Teaching.pdf par
Micro Teaching.pdfMicro Teaching.pdf
Micro Teaching.pdfTarunKumar45169
39 vues12 diapositives
PEER TUTORING par
PEER TUTORINGPEER TUTORING
PEER TUTORINGSHIV KUMAR
5.2K vues13 diapositives
Richards suchman's inquiry training model par
Richards suchman's  inquiry training modelRichards suchman's  inquiry training model
Richards suchman's inquiry training modelabhisrivastava11
2.6K vues18 diapositives
NEP-2020: An Overview par
NEP-2020: An OverviewNEP-2020: An Overview
NEP-2020: An OverviewAmita Bhardwaj
4K vues49 diapositives
Ppt par
PptPpt
PptVIJAY SHARMA
1.4K vues11 diapositives
Final.managment of centeral government related to education.ppt (1) par
Final.managment of centeral government related to education.ppt (1)Final.managment of centeral government related to education.ppt (1)
Final.managment of centeral government related to education.ppt (1)Santosh Yadav
141 vues23 diapositives

Similaire à DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes(20)

Richards suchman's inquiry training model par abhisrivastava11
Richards suchman's  inquiry training modelRichards suchman's  inquiry training model
Richards suchman's inquiry training model
abhisrivastava112.6K vues
Final.managment of centeral government related to education.ppt (1) par Santosh Yadav
Final.managment of centeral government related to education.ppt (1)Final.managment of centeral government related to education.ppt (1)
Final.managment of centeral government related to education.ppt (1)
Santosh Yadav141 vues
Language Technology & E-learning par vashini sharma
Language Technology & E-learningLanguage Technology & E-learning
Language Technology & E-learning
vashini sharma1.2K vues
SHIKSHAN PRATHIROOP par himannya
SHIKSHAN PRATHIROOPSHIKSHAN PRATHIROOP
SHIKSHAN PRATHIROOP
himannya326 vues
शिक्षण विधियाँ(Teaching Methods in Hindi).pdf par BajrangSharma32
शिक्षण विधियाँ(Teaching Methods in Hindi).pdfशिक्षण विधियाँ(Teaching Methods in Hindi).pdf
शिक्षण विधियाँ(Teaching Methods in Hindi).pdf
BajrangSharma32759 vues
Continuous and comprehensive evaluation सतत और व्यापक मूल्यांकन par abhisrivastava11
Continuous and comprehensive evaluation सतत और व्यापक मूल्यांकनContinuous and comprehensive evaluation सतत और व्यापक मूल्यांकन
Continuous and comprehensive evaluation सतत और व्यापक मूल्यांकन
abhisrivastava11742 vues
Koshish diet mathura by pushpendra singh 9410272305 par pushpendra singh
Koshish diet mathura by pushpendra singh 9410272305Koshish diet mathura by pushpendra singh 9410272305
Koshish diet mathura by pushpendra singh 9410272305
pushpendra singh235 vues
मुक्त और दूरस्थ शिक्षा Deb, ignou और nios के सन्दर्भ में 1. par Sunil Dubey
मुक्त और दूरस्थ शिक्षा  Deb, ignou और nios के सन्दर्भ में 1.मुक्त और दूरस्थ शिक्षा  Deb, ignou और nios के सन्दर्भ में 1.
मुक्त और दूरस्थ शिक्षा Deb, ignou और nios के सन्दर्भ में 1.
Sunil Dubey464 vues
Connection Between Classroom Instruction & Theories.pdf par SudhaPandeya1
Connection  Between Classroom Instruction & Theories.pdfConnection  Between Classroom Instruction & Theories.pdf
Connection Between Classroom Instruction & Theories.pdf
SudhaPandeya11.3K vues

Plus de TutorialsDuniya.com

Ba programme globalization notes Sartaz Sir Notes par
Ba programme globalization notes Sartaz Sir NotesBa programme globalization notes Sartaz Sir Notes
Ba programme globalization notes Sartaz Sir NotesTutorialsDuniya.com
2K vues23 diapositives
Ba programme english notes Sartaz Sir Notes par
Ba programme english notes Sartaz Sir NotesBa programme english notes Sartaz Sir Notes
Ba programme english notes Sartaz Sir NotesTutorialsDuniya.com
687 vues36 diapositives
Ba programme political science notes Sartaz Sir Notes par
Ba programme political science notes Sartaz Sir NotesBa programme political science notes Sartaz Sir Notes
Ba programme political science notes Sartaz Sir NotesTutorialsDuniya.com
448 vues21 diapositives
Ba programme history notes Sartaz Sir Notes par
Ba programme history notes Sartaz Sir NotesBa programme history notes Sartaz Sir Notes
Ba programme history notes Sartaz Sir NotesTutorialsDuniya.com
462 vues39 diapositives
Ba programme hindi notes Sartaz Sir Notes par
Ba programme hindi notes Sartaz Sir NotesBa programme hindi notes Sartaz Sir Notes
Ba programme hindi notes Sartaz Sir NotesTutorialsDuniya.com
261 vues18 diapositives
Ba programme economics notes Sartaz Sir Notes par
Ba programme economics notes Sartaz Sir NotesBa programme economics notes Sartaz Sir Notes
Ba programme economics notes Sartaz Sir NotesTutorialsDuniya.com
179 vues55 diapositives

Plus de TutorialsDuniya.com(20)

Ba programme political science notes Sartaz Sir Notes par TutorialsDuniya.com
Ba programme political science notes Sartaz Sir NotesBa programme political science notes Sartaz Sir Notes
Ba programme political science notes Sartaz Sir Notes
Ba programme political science notes Sartaz Sir Notes par TutorialsDuniya.com
Ba programme political science notes Sartaz Sir NotesBa programme political science notes Sartaz Sir Notes
Ba programme political science notes Sartaz Sir Notes
DU Ba programme political science notes Sartaz Sir Notes par TutorialsDuniya.com
DU Ba programme political science notes Sartaz Sir NotesDU Ba programme political science notes Sartaz Sir Notes
DU Ba programme political science notes Sartaz Sir Notes

DU BA programme education notes Sartaz Sir Notes

  • 1. Download DU B.A. Programme Notes & Question Papers from https://www.tutorialsduniya.com Please Share these Notes with your Friends as well Education Notes TUTORIALSDUNIYA.COM B.A. Programme - 3rd Year Prepared By: Sartaz Sir (University of Delhi)
  • 2. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com प्रश्न 1 : यशपाल समिति रिपोर्ट (1993) अनुसाि “विघालय मशक्षा अपने िेििान स्िरूप िें बच्चों क े मलए आनन्दिय नह ीं है” स्पष्र् किें? अथिा “बहुि ज्यादा पढ़ाया गया पि बहुि कि ग्रहण ककया गया” यशपाल समिति क े इस कथन को स्पष्र् किे? उत्तर: बच्चो पर शिक्षा क े बोझ को कम करने क े शिए भारत सरकार को मानव संसाधन ववकास मंत्रािय ने प्रो० यिपाि की अध्यक्षता में एक राष्ट्रिय सिाहकार सशमतत का गठन ककया इस सशमतत ने जुिाई 1993 में अपनी ररपोर्ट प्रस्तुत की| सशमतत ने सभी स्तरों की शिक्षा का भार कम करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार िाने क े शिए वविेष सिाह दी है | प्रो० यिपाि सशमतत ने इस बात पर जोर ददया है कक बच्चों पर बढ़ता िैक्षक्षक भार एक रारिीय िैक्षक्षक समस्या है पाठ्यक्रि क े कठिन होने क े कािण i) तनर्ाटरिि सिय िें मशक्षक द्िािा पूिा नह ीं किा पाना ii) बच्चों क े िानमसक स्िि औि पाठ्य सािग्री क े स्िि िें असींिुलन iii) पाठ्य पुस्िको की भाषा एिीं शैल जठर्ल होने क े कािण छात्रों को यह जठर्ल लगिा है iv) बुतनयाद पाठ्यक्रि का बाल विकास िें अींितनटठहि िूलभूि िान्यिाओ को पूिा नह ीं कि पाना मशक्षकों औि विर्ाथीयों की प्रतिकक्रयाओीं को जानने क े बाद यशपाल समिति िौजूदा पाठ्यक्रि की सिस्या को तन० मल० प्रकाि से स्पष्र् ककया है | T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 3. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com 1) बच्चों की पढ़ाई का जल्द शुरू होना: वपछले क ु छ िषो िें यह देखा गया हैं कक नसटि कक्षा िें प्रिेश लेने िाले बच्चों की उम्र काफी कि होिी है| क्योंकक िााँ –बाप सोचिे हैं कक यठद बच्चे को जीिन िें सफल बनाना है िो उनकी मशक्षा जल्द शुरू किनी चाठहए| 2) स्क ू ि बैग का आकार: यिपाि सशमतत ने बड़े स्क ू ि बैग को बच्चे क े प्रतत ‘शिक्षायी दहंसा’ बताया है बस्ते क े बड़े आकार क े पीछे गृहकायट एवं ट्यूिन का बड़ा योगदान है| बच्चों को छ ु ट्र्ी तो बहुत ही मुष्ट्ककि से शमि पाती है| ष्ट्जसक े कारण बच्चों को अपनी योग्ता ददखाने का अवसर नहीं शमि पाता उन्हे खेिने, आनन्द िेने, सोचने और अपने आसपास की दुतनया को जानने का समय ही नहीं शमि पाता| 3) परीक्षा प्राणिी: यिपाि सशमतत ने वतटमान परीक्षा प्राणिी को दोषपूणट माना है| क्योंकक-परीक्षा क े वि बच्चें क े रर्ने की क्षमता को जांच होती है तथा बच्चे ददये गए पाठ्यक्रम पर ही तनभटर होता है ष्ट्जससे उनक े अंदर की प्रततभा का ववकास नहीं होता| तथा बािक परीक्षा का सामना करने से भयभीत रहते है| 4. शसखने- शिखाने की प्रकक्रयाओं में नीरसता: स्क ू िों में अध्यापन उबाऊ और नीरस होता है ष्ट्जससे बच्चे शिक्षा को अपने ऊपर बोझ समझते है| आमतौर पर शिक्षक पाठ्यपुस्तक का उच्चारण करा देते है और मुख्य बातों को बोर्ट पर शिख देते हैं| स्क ू िों में बच्चों को प्रयोग करने, भ्रमण करने या ककसी प्रकार का अविोकन करने का अवसर नहीं शमिता| ष्ट्जससे शिक्षण उबाऊ हो जाता है| 5) पाठ्क्रम और पाठ्यपुस्तक े : अप्रसांगगक एवं अपयाटप्त पुस्तक े पाठ्यक्रम क े भार को और बढ़ा देती हैं वतटमान पाठ्य पुस्तक े बच्चों में सोचने समझने की िष्ट्क्त ववकशसत नहीं करती| पुस्तकों की िेखन िैिी भी बहुत जदर्ि होती है ववकशसत नहीं करती| पुस्तकों की िेखन िैिी भी बहुत जदर्ि होती है पुस्तकों की भाषा छात्रों की समझ से बहार होती है| इससे बोररयत और बोझ बढ़ता जाता है| मसक्षा –सिस्या क े कािण i) ज्ञान बनाम सूचना: वतटमान में यह धारणा बन गई है कक ‘वैष्ट्कवक स्तर पर ज्ञान का ववस्फोर्’ होने क े कारण मौजूदा पाठ्क्रम को और ववकशसत करने की आवकयकता है| ताकक बच्चे और अगधक ज्ञान प्राप्त कर सक े | इससे बच्चों का पाठ्यक्रम और बोझझि तथा मानशसक रूप से दहंसात्मक हो जाता है| T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 4. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com ii) कक्षा की वास्तववकता से वविेषज्ञों की दूरी: सशमतत का मानना है कक शिक्षा वविेषज्ञों को कक्षा वास्तववक ष्ट्स्थतत का अगधक पता नहीं होता|| तथा ये वविेषज्ञ बच्चों तथा उनक े द्वारा नई बाते सीखने की प्रकक्रया से अनजान होते है| iii) पाठ्क्रम का क े न्रीकृ त चररत्र: यिपाि सशमतत ने यह महसूस ककया है कक पाठ पाठ्यक्रम का अनावकयक रूप से क े न्रीकृ त हो गया इसशिए पाठ्यक्रम देि क े ववशभन्न भागो की स्थानीय जरूरतों क े शिए प्रासंगगक नहीं है| iv) पाठ्यवस्तु को पढ़ाने की परम्परा: वतटमान समय में शिक्षक पुस्तक की ववषय वस्तु या प्रासंगगकता पर कोई सवाि नहीं उठा सकते| अगधकांि शिक्षा पुस्तक को ही ज्ञान क े अंततम स्रोत की तरह देखते है| और जब ये व्यथट पुस्तक े कक्षाओं में पढ़ाई जाती है तो इससे बोझ और बढ़ता है| v) सामाष्ट्जक प्रततस्पधाट: हमारे समाज में प्रततस्पधाट की भावना बहुत आगधक है| इसशिए हर कोई आगे तनकिने की चाह में अपने बच्चे को छोर्ी आयु से ही औपचाररक शिक्षा देना चाहता है ष्ट्जससे बच्चों पर दबाव और बढ़ा गया है| vi) िैक्षक्षक वातावरण का अभाव: सशमतत क े अनुसार पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने वािी मूिभूत सुववधाओं का अभाव है जैसे पयाटप्त समय, मानव संसाधन, खेि क े उपकरण तथा मैदान | आदद ककसी स्क ू ि में ये सुववधाएं है तो वे भी अत्यंत घदर्या स्तर की है | यशपाल समिति की मशफारिशे i) राज्य/क ें र िाशसत प्रदेि स्तरीय पाठयपुस्तको क े तनमाटण में अध्यापकों की अगधक से अगधक भागीदारी होनी चादहए| ii) राज्य एवं क ें र िाशसत प्रदेिों में नसटरी स्क ू ि खोिने क े शिए मौजूदा शिक्षा तनयमों में संिोधन ककया जाए| iii) नसटरी कक्षा में दाझखिे क े शिए बच्चों का ककसी प्रकार का साक्षात्कार या परीक्षा न िी जाए| iv) नसटरी कक्षाओं में पाठ्यपुस्तक एवं गृहकायट की अतनवायट प्रथा को समाप्त ककया जाना चादहए| T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 5. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com v) प्राथशमक कक्षाओं से गृहकायट और पररयोजना कायट बंद की जाए vi) कक्षा में पढ़ाते समय श्रव्य – रकय सामंग्री प्रयोग की जाए vii) कक्षाओं में शिक्षक – ववघाथी अनुपात 1:40 से ज्यादा न हो प्रश्न 2. उच्च मशक्षा िें िाष्र य प्रत्यापन औि िूल्याकन परिषद (NAAC) की भूमिका एिीं कायो को विस्िाि पूिटक सिझाइये? उत्तर: रारिीय मूल्याकन संत सत्यापन पररषद उच्च शिक्षा संस्थानों क े मूल्याकन एवं उन्हे मान्यता देने वािी एक संस्था है यह भारत में उच्च शिक्षा में सुधार करने क े शिए शिए गदठत की गई है| वपछिे पचास वषो क े दौरान भारत में उच्च शिक्षा में बहुत तेजी से ववस्तार हुआ है परंतु भारतीय शिक्षा प्रणािी यह आिोचना की जाती है कक देि में ऐसे ववघािय पनप गए है ष्ट्जनका कायटक्रम अवास्तववक है, सुववधाएं तनम्न स्तर की हैं, इस ष्ट्स्थतत में सुधार करने क े शिए रारिीय शिक्षा नीतत (1986) का तनमाटण ककया गया संगठन: NAAC क े दो स्तर है i) सामान्य पररषद तथा ii) कायटकारी पररषद | इसमें शिक्षा प्रिासकों, नीतत तनधटररकों तथा वरररठ शिक्षा ववदो को सष्ट्म्मशित ककया जाता है | ववकव ववघािय अनुदान आयोग का अध्यक्ष NAAC की सामान्य पररषद का भी अध्यक्ष होता है इस पररषद में एक सगचव तथा अनेक सिाहकार भी होते है| NAAC क े िक्ष्य एवं उद्देकय: NAAC की गततववगधयााँ उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुतनशिचत करने पर क े ष्ट्न्रत है | NAAC का िक्ष्य भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना तो उसे जीववका आधाररत बनाता है NAAC क े उदेकयों को हम तन० शि० बबन्दुओं क े माध्यम से ववस्तार पूवटक समझ सकते है| 1)उच्च शिक्षा क े शिए गुणवत्ता मूल्याकन उन्नतत एवं क े अन्य दावेदारों क े साथ शमिकर काम करना 2) उच्च शिक्षा में नवीनता, स्वायत्तता, एवं उत्तरदातयत्व की भावना का ववकास करना| T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 6. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com 3) ववशभन्न िैक्षक्षक पररयोजनाओं , ववशिरर् िैक्षक्षक कायटक्रमों तथा उच्च शिक्षा से सम्बंगधत संस्थानों अथवा इकाइयों का समय पर मुल्यांकन एवं उन्हे मान्यता प्रदान करना 4) उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने क े शिए िैक्षक्षक वातावरण तैयार करना 5) उपयुक्त उदेकयों की प्राष्ट्प्त क े शिए NAAC अंतरारिीय स्तर पर स्वीकृ त ववगध द्वारा उच्च शिक्षा प्रदान करने की इच्छा रखने वािो संस्थानों की गुणवत्ता का मूल्याकन तथा सत्यापन करती है | NAAC की कायटप्रणाल : i) मूल्यांककत की जाने वािी शिक्षा संस्था द्वारा एक स्व-अध्यन ररपोर्ट तैयार करना तथा उसे जमा कराना ii) तनररक्षण दि द्वारा मौक े की यात्रा की जाती है ताकक स्व अध्यन ररपोर्ट की वैधता की जााँच की जाए iii) NAAC की कायटकारी पररषद क े द्वारा अंततम तनणटय शिया जाता है तथा पररषद क े अनुभवी िोगो द्वारा स्व- अध्यन ररपोर्ट का तनररक्षण ककया जाता है| प्रत्यापन की प्रकक्रया: NAAC की मूल्याकन प्रकक्रया एक सुत्यवष्ट्स्थत और पारदिी प्रकक्रया है NAAC ने मूल्याकन और प्रत्यापन क े शिए तन० शि० प्रकक्रया तनधाटररत की है| गुणवत्ता मूल्याकन क े शिए संस्थागत योग्यता (IEQA) : - ककसी आवेदन करने वािे क े शिए यह सबसे पहिा कदम होता है| अथाटत गुणवत्ता क े शिए संस्थागत योग्यता का होना उसी समय आरंभ हो जाता है जब कोई संस्थान आवेदन क े शिए ववचार कर रहा होता है| यह ‘आवेदनकताट संस्थान’ क े शिए तन० प्रकार से उपयोगी है| i) इससे आवेदक संस्थान ‘योग्य आवेदक’ क े रूप में पहचान प्राप्त कर िेता है| ii) यदद संस्थान प्रथम चरण IEQA क े शिए स्वय को योग्य साबबत नहीं कर पाता तो उसे तनधाटररत गुणवत्ता क े स्तर को पाने क े शिए सुधार करने पड़ते है| T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 7. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com (iii) समय क े भीतर IEQA क े योग्यता स्तर को प्राप्त करने क े शिए संस्थान को NAAC से आवेदन शमिता है | iv) संस्थान अपनी स्व – अध्यन ररपोर्ट तैयार करक े NAAC में जमा करता है v) संस्थान क े ररपोर्ट जमा कराने क े पकचात एक तनरीक्षक जााँच दि आकर जााँच करता है| और मूल्याकन ररपोर्ट प्रस्तुत करता है vi) NAAC द्वारा तनरीक्षण दि की मूल्याकन ररपोर्ट क े आधार पर संस्थान को ग्रेडर्ंग क े आधार पर प्रमाण पत्र ददया जाता है प्रत्यापन की आिश्यकिा: ककसी भी रारि क े ववकास में उच्च शिक्षा की अत्यागधक आवकयकता होती है अत: उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार क े शिए NAAC क ु छ मानदण्र् तनधाटररत ककये है| इन्ही मानदण्र्ो क े अनुरूप संबोगधत संस्थान को प्रत्यापन दी जाती है| प्रत्यापन क े लाभ: i) NAAC की प्रत्यापन प्रकक्रया द्वारा ककसी भी संस्थान की िष्ट्क्तयों, कमजोररयों आदद को जानने में सहयता शमिती है | ii) NAAC अध्यापन क े आधुतनक एंव नए-नए तरीकों की िुरुआत करता है| तथा संस्थानों को नयी पहचान तथा मागटदिटन देता है| (iii) तनयोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त करने वािे उजाटवान कशमटयों क े संबंध में जानकारी सुिभ हो जाती है प्रश्न 3. बुतनयाद िामलि क े सींदभट िें डा∘ जाककि हुसैन समिति (1937) द्िािा द गई रिपोर्ट की िुख्य मशफारिशे क्या है? उत्तर: बुतनयादी ताशिम को ‘नई ताशिम’ अथवा बेशसक शिक्षा भी कहा जाता है| इसका आरंभ शिक्षा ववदों ने 1937 में ककया | इसक े माध्यम से एक स्वाधीन भारत क े तनमाटण का िक्ष्य रखा गया| बुतनयादी तािीम का प्रारष्ट्म्भक इततहास: बुतनयादी तािीम का आरष्ट्म्भक इततहास महात्मा गााँधी क े दिटन T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 8. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com से जुड़ा हुआ है| गााँधी जी तात्कािीन शिक्षा पद्दतत से अत्यंत असंतुरर् थे| अत: उन्होंने 1937 में भारतीय शिक्षा क े पुनतनमाटण का प्रयास ककया तथा इस संबंध में अपनी पबत्रका हररजन में कई िेख शिखे| तथा आगे चिकर शिक्षा सम्बन्धी अनेक योजनाओ का तनमाटण ककया | गााँधी जी कक शिक्षा योजना पर आगे आने वािे अनेक ववद्वानों ने खुिकर चचाट की| चचाट में भाग िेने वािे थे र्ा० जाककर हुसैन, प्रो० अब्दुि हक, ववनोबा भावे, र्ी० क े िाह आदद यह शिक्षा सशमतत आगे चिकर र्ा० जाककर हुसैन क े नाम से प्रशसद हुई| बुतनयाद मशक्षा क े उद्देश्य िथा विषय िस्िु 1) हस्िकला : सशमतत का सुझाव था कक कताई , बुनाई, कृ वष, बढई आदद कायट शसखाकर ववघागथटयो व्यवसातयक रूप से आत्म तनभटर बनाया जा सकता है| 2) िाह्भाषा :- बुतनयादो तािीग क े अंतगटत मातृभाषा शिक्षण क े उद्देकय तन० शि० थे| i) दैतनक जीवन से जुड़े ककसी भी ववषय पर प्रासंगगक , सुसंगदठत ढंग से बोिने की क्षमता ववकशसत है| ii) पाठ्क्रम को िुद्ध एवं सुपाठ्य तरीक े से शिखने की समता ववकशसत हो iii) सरि प्रकार क े व्यवसातयक पत्र एवं व्यष्ट्क्तगत पत्र शिखने की क्षमता तथा समाचार पत्रों को गततपूणट मोन वचन की क्षमता बढ़ाना iv) दैतनक जीवन की घर्नाओं को सरि तथा स्परर् िैिी में शिखने की क्षमता ववकशसत करना| सशमतत का ववचार था कक मातृभाषा क े द्वारा पाठ्क्रम को सरि बनाया जा सकता है| 3. गझणत:- गझणत शिक्षा क े दो व्यापक उद्देकय थे| i) पररवार तथा समुदाय क े जीवन से सम्बष्ट्न्धत अंक गझणतीय प्रकनों को हि करने की क्षमता का ववकास करना T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 9. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com ii) बही खाते तथा व्यापार-प्रद्तत सम्बन्धी जानकारी देना| गझणत क े पाठ्यक्रम में चारों सरि तनयम, चारों शमगश्रत तनयम, शभन्न, दिमिव, तीन का तनयम, इकाई ववगध आदद क े शसद्धांत सष्ट्म्मशित थे| 4. सािाजजक अध्यन:- सामाष्ट्जक अध्यन क े अंतगटत इततहास, भुगोि, नागररक िास्त्र सामाष्ट्जक घर्नाओं तथा संसार क े ववशभन्न धमो क े अध्यन को िाशमि ककया जाए सामाष्ट्जक अध्यन शिक्षण क े तनम्नशिझखत उद्देकय थे| i) अपने देि क े प्रतत प्रेम तथा एक आदिट नागररक क े गुणों का ववकास ii) ववकव क े सभी धमों क े प्रतत आदर भाव पैदा करना| iii) नागररक अगधकारों एवं कतटव्यों क े प्रतत संचेत करना| iv) अपने सामाष्ट्जक, भौगोशिक वातावरण क े ववषय में सही ज्ञान प्राप्त करना| सामाष्ट्जक अध्यन क े पाठ्यक्रम को सशमतत ने तीन क्षेत्रों में बांर्ा है इततहास, नागररक िास्त्र और भूगोि 5. सािान्य विज्ञान:- र्ा० जाककर हुसैन सशमतत क े अनुसार सशम क े पाठ्क्रम में प्रकृ तत अध्यन, वनस्पतत, प्राणी स्वास्थ व्यायाम रसायन आदद क े ववषय में ज्ञान िाशमि ककया गया है इस पाठ्यक्रि क े उद्देश्य तनम्न है| i) प्रकृ तत क े प्रतत छात्रो का ताकक ट क एव उदार रष्ट्रर्कोण तनशमटत करना ii) महान िोगो क े जीवन से जुर्ी घर्नाओं की जानकारी उपिब्ध कराना iii) प्राकृ ततक घर्नाओं तथा वैज्ञातनक उप्िाष्ट्व्धयों क े ववषय में जानकारी देना 6. चचत्रकला: गचत्रकिा क े अंतगटत पौधों, पिुओ तथा मानव आकृ ततयों क े आरेखों को िाशमि ककया गया है| गचत्रकिा शिक्षण क े उद्देकय तनम्न शिझखत है| T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 10. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com i) आक्रततये से सम्बंगधत स्मरण िष्ट्क्त को ववकशसत करना ii) डर्जाइन बनाने तथा सजावर् की क्षमता को ववकशसत करना iii) प्रक्रतत तथा किा सौन्दयट क े ज्ञान का ववकास करना 7. सींगीि:- संगीत शिक्षण का उद्देकय छात्रों को सुंदर गीत शसखाना तथा उनमे संगीत क े प्रतत िगाव उत्पन्न करना परंतु संगीत क े शिए क े वि सवोतम गीतों का ही चयन करना चादहए 8. ठहींदुस्िानी:- दहंदुस्तानी शिक्षण का व्यापक उद्देकय प्रत्येक ववघाथी को िोकभाषा क े सम्बंध में जानकारी देना था इसका िाभ यह होगा की ववघाथी भारत क े ककसी भी प्रदेि में स्वय को अजनवी महसूस नही करेगे| बुतनयाद िाल ि की सफलिा क े मलए सुझाि i) बुतनयादी तािीम 7+ की आयु से 14 वषट की आयु तक होनी चादहए ii) तािीम बािक-बाशिका क े शिए तनिुल्क तथा अतनवायट होनी चादहए iii) ववघािय क े पास इतनी भूशम हो कक उसमे कक्षाएं, वादर्का तथा खेि का मैदान भी बन सक े | iv) ववघाथी को क ु पोषण से बचाया जाए तथा उन्हे स्क ू ि में क ु छ हल्का आहार ददया जाए| v) ववघािय में रोजाना कम से कम छ: घंर्े, माह में 24 ददन तथा वषट में 288 ददन कायट होना चादहए| vi) कक्षा में छात्रो की संख्या 30 से अगधक नहीं होनी चादहए vii) जहा तक संभव हो मदहिाओं को शिक्षण क े शिए तनयुक्त ककया जाए बुतनयाद िाल ि की सिीक्षा:- बुतनयादी तािीम क े द्वारा एक आदिट भारत क े तनमाटण की कल्पना की गई थी परंतु इसक े शसद्दांतो में अनेक त्रुदर्या रही जैसे गााँधीजी ने हस्तकिा द्वारा ववघािय की ववत्तीय जरूरत पूरी करने का ववचार रखा था परंतु बबना सरकार क े सहयोग क े यह संभव नहीं हो सकता T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 11. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com सरकार की अकक्रयाशििता तथा वविेषज्ञों की कमी ने बुतनयादी शिक्षा क े मागट में बाधाए उत्पन्न की है| कोई भी ववघािय वतटमान समय में ऐसा नहीं है जो सशमतत क े बनाए गए तनयमों पर खरा उतर सक े | तनष्कषट:- अगर भारतीय बाि- बाशिकाओं को बुतनयादी तािीम द्वारा शिक्षक्षत ककया जाए तो इससे भारत का ववकास तीव्र गतत से हो सकता है| बुतनयादी तािीम हमारे समाज क े कमजोर वगों क े शिए कल्याणकारी है| माध्यम तथा उच्च वगट इसका ततरस्कार तथा आिोचना करते है परंतु बुतनयादी तािीम क े आधारभूत शसद्दांत इतने अगधक महत्वपूणट है कक शिक्षा क े सभी स्तरों पर उन्हे िागू करना चादहए| प्रश्न 4. विश्ि विघालय मशक्षा आयोग (िार्ाकृ ष्णन आयोग 1948-49) की मसफारिशों की आलोचनात्िक सिीक्षा किे? उत्तर: भारत में स्वतंत्रता प्राष्ट्प्त क े पकचात ् उच्च शिक्षा में सुधार िाने क े शिए ववशभन्न कशमयों को दूर करने की आवकयकता महसूस हुई| रारि की आवकयकताओं क े अनुरूप उच्च शिक्षा का पुनटगठन करने क े शिए एक प्रस्ताव पाररत ककया गया कक भारत सरकार भारतीय ववकव ववघाियों का मागटदिटन करने क े शिए एक आयोग का गठन करे फिस्वरूप भारत सरकार ने 4 नबम्बर 1948 को र्ा० राधाकृ रणन की अध्यक्षता में ववकवववघािय शिक्षा आयोग का गठन ककया | आयोग क े कायटक्षेत्र:- र्ा० सवटपल्िी राधाकृ रणन की अध्यक्षता में गदठत इस आयोग ने उच्च शिक्षा क े ववशभन्न पक्षों जैसे उच्च शिक्षा क े उद्देकय अध्यापकों की सेवाितें, शिक्षा का स्तर, पाठ्यक्रम व्यवसातयक शिक्षा , परीक्षा प्रणािी , छात्र कल्याण अथटव्यवस्था आदद क े सम्बंध में महत्वपूणट सुझाव ददये| 1 ) विश्िविघालय मशक्षा क े उद्देश्य :- i) ऐसे व्यष्ट्क्तओं का तनमाटण करना जो राजनीतत, प्रिासन, व्यवसाय व उघोग आदद क्षेत्रों में नेतृतव प्रदान कर सक े ii) छात्रों में उत्तम नागररक क े गुणों को ववकशसत करना T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 12. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com iii) ववघागथटयो का िारीररक, मानशसक ववकास तथा अध्याष्ट्त्मक ववकास करना iv) ववकवववघािय समाज सुधारक प्रततभाओं को जन्म देता है| v) व्यष्ट्क्त क े अंदर तछपे गुणों को खोजना तथा उसे प्रशिक्षण देना vi) स्वतंत्रता, समानता न्याय व बधुता आदद आदिों का संरक्षण करना 2. अध्यापक कल्याण :- अध्यापकों क े महत्व को स्वीकारते हुए आयोग ने अध्यापको क े वेतनमान और सेवा ितो में सुधार करने तथा उन्हे जीवन बीमा, पेंिन व आवास की सुववधाएाँ देने की शसफाररि की है| 3) उच्च मशक्षा का स्िि:- उच्च शिक्षा क े गगरते स्तर को सुधारने क े शिए आयोग ने ववकवववघाियों व कािेजों में अनेक प्रावधान ककये है जैसे ववधागथटयों की तनयंबत्रत संख्या, ववघािय से पहिे 12 वषट की शिक्षा कम से कम 180 ददन का कायट ददवस िाइब्रेरी और प्रयोगिािाओं का आधुतनकरण आदद 4) अध्यन पाठ्यक्रि:- ववशिरठीकरण की अतत को दूर करने क े शिए आयोग ने सामान्य शिक्षा को अपनाने पर जोर ददया| 5) स्नािकोत्ति मशक्षा िथा अनुसींर्ान:- आयोग ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम क े शिए एक ववशिरर् ववषय का अध्यन का सुझाव ददया ष्ट्जसे PHD कहते है इसक े छात्रो का चयन अझखि भारतीय स्तर पर ककया जाए| 6) िृवत्तक मशक्षा:- आयोग ने कृ वष, वाझणज्य, व तकनीकी, कानून तथा गचककत्सा शिक्षा क े क्षेत्र में सुधार क े सुझाव ददये | 7) मशक्षा का िाध्यि:- आयोग ने कहा कक अंग्रेजी क े स्थान पर भारतीय भाषा को उच्च शिक्षा माध्यम बनाना चादहए तथा अंतरारर्ीय भाषाओँ क े िब्दों को ज्यो का त्यों स्वीकार कर िेना चादहए| 8) पि क्षा प्राणल :- i) परीक्षाओं का उद्देकय िैक्षझणक होना चादहए परीक्षाएं मानशसक योग्यता मापने में सहायक है ii) तनबंधात्मक परीक्षा को समाप्त करने क े बजाए उसक े दोष दूर करें T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 13. TutorialsDuniya.com Download Delhi University Previous Year Question Papers with Solutions from TutorialsDuniya.com  General Electives  AECC  B.Sc. (H) Computer Science  B.Sc. (H) Mathematics  B.Sc. (H) Chemistry  B.Sc. (H) Physics  B.Sc. (H) Electronics  B.Sc. (H) Statistics  B.Sc. (H) Botany  B.Sc. (H) Geology  B.Sc. (H) Home Science  B.Sc. (H) Zoology  B.Com (H)  B.Sc. (H) Microbiology  B.Sc. Physical Science  B.Sc. Mathematical Science  B.A. Programme  BMS  B.A. (H) Psychology  B.Sc. Life Science  B.A. (H) Economics  B.A. (H) English  B.A. (H) Hindi  B.A. (H) History  B.A. (H) Journalism  B.A. (H) Philosophy  B.A. (H) Political Science  B.A. (H) Geography  B.A. (H) Sanskrit  B.A. (H) Sociology Please Share these Question Papers with your Friends
  • 14. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com iii) कक्षा कायों को भी परीक्षा में महत्त्व शमिना चादहए| और इसक े शिए 1/3 अंक भी ददये जाने चादहए| iv) क े वि वही व्यष्ट्क्त तनयुक्त हो जो ककसी ववषय को 5 वषो से पढ़ा रहे है v) परीक्षा का स्तर उठाने क े शिए प्रथम ददतीय व तृतीय श्रेणी क्रमि: 70,55 ,व 40 प्रततित पर तनधाटररत हो vi) व्यावसातयक और स्नातकोत्तर परीक्षाओं क े शिए मौझखक परीक्षाओं का भी प्रयोग ककया जाए| 9. र्ामिटक मशक्षा:- राधाकृ रणन क े अनुसार धाशमटक शिक्षा से अथट ककसी एक धमट की शिक्षा से नहीं बष्ट्ल्क अध्याततम्क शिक्षा से है| सभी शिक्षण संस्थाओं में मौन गचंतन क े पकचात ् कायट आरंभ हो तथा कक्षा क े अनुसार धमट सम्बन्धी पुस्तक े पढाई जाए| और धमट दिटन में िोध करने क े शिए ववघागथटयों को प्रेररत ककया जाए| 10. छात्र कल्याण:- आयोग ने छात्रों क े दहतों का ध्यान रखने क े शिए ववकवववघाियों तथा कािेजों में छात्र कल्याण पररषदे बनानी चादहए| 11. नाि मशक्षा:- आयोग ने पुरषों क े साथ –साथ मदहिाओं की शिक्षा पर भी जोर ददया तथा मााँग की कक मदहिा शिक्षकों को भी समान कायट क े शिए समान वेतन शमिना चादहए आिोचना:- i) आयोग की अगधकांि शसफाररिों परम्परागत है और इनमे कोई मौशिकता क े दिटन नहीं होते ii) आयोग ने िशित किाओं क े ववषय में क ु छ भी उल्िेख नही ककया क े वि मानतीय ववषयों पर ही ववचार प्रकर् ककये है| iii) अध्यापकों क े वेतन क्रम सम्बंधी सुझाव वतटमान दिा क े अनुक ू ि नहीं हैं उन्हे पूणटत: व्यवहाररक भी नहीं कहा जा सकता iv) आयोग क े धाशमटक शिक्षा और स्त्री शिक्षा से सम्बंगधत सुझाव अस्परर् तथा अपयाटप्त है | T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 15. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com v) ग्रामीण ववकव ववघाियों क े ववषय में कोई वविेष प्रकाि नहीं र्ािा है कक उनका गठन ककस प्रकार ककया जाए तनरकषट:- राधाकृ रणन आयोग ने भारतीय ववकवववघाियों से सम्बंगधत समस्याओं पर सुझाव ददये हैं| परंतु इस आयोग की आिोचना भी की गई जैसे-इस आयोग क े प्रततवेतन में नवीनता का अभाव है; रारि धाशमटक शिक्षा का रष्ट्रर्कोण असारठ है परंतु इन आिोचनाओं से आयोग का महत्त्व कम नहीं होता | सच तो यह है कक यदद ये सुझाव स्वीकार कर शिए जाते तो ववकवववघािय शिक्षा की रुपरेखा ही बदि गई होती| हािााँकक क ु छ कारणों से इस आयोग की शिफाररिे िागू नहीं हो सकी परंतु इसका योगदान अत्यंत महत्वपूणट हो सकता था| प्रश्न 5. िाष्र य मशक्षा नीति 1964-66 (कोिाि आयोग) पि प्रकाश डाले अथिा कोिाि किीशन ने भािि क े तनिाटण क े मलए र्ेक्नालोजी मशक्षा पि बल क्यों ठदया | उत्तर: कोठारी आयोग का गठन भारत सरकार ने 14जुिाई 1964 ई० में ककया काठोरी आयोग ने प्राथशमक, माध्यशमक ववकव ववघािय स्तर की शिक्षा का स्तर उठाने क े शिए एक ररपोर्ट तैयार की| आयोग ने अपनी ररपोर्ट 19 जून 1966 को शिक्षा मंत्री श्री करीम छागिा को सौप दी| कोठारी आयोग क े उद्देकय:- i) धमट तनरपेक्ष िोकतंत्र की स्थापना करना | ii) जनता की तनधटनता को खत्म करना तथा तेज गतत से देि का ववकास iii) औघोगगक क्षेत्र में आत्मतनभटरता प्राप्त करना और ववज्ञान तथा र्ैक्नोिोजी क े क्षेत्र में प्रगतत करना | iv) स्वंतत्रता प्राष्ट्प्त क े पकचात ् शिक्षा में सुधार क े शिए जो आयोग उनकी शसफाररिों को िागू नहीं ककया जा सका था अत: कोठारी आयोग का उद्देकय वे कायट करना था जो शिक्षा क े शिए अब तक नहीं हुये | T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 16. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com आयोग की शिफाररिे और सुझाव:- भारतीय शिक्षा प्रणािी का गहन अध्यन और ववकिेषण करने क े पकचात ् आयोग ने तन० शि० सुझाब प्रस्तुत ककये| 1) मशक्षा औि िाष्र य लक्ष्य:- कोठारी आयोग क े अनुसार हमारी सभी सामाष्ट्जक, आगथटक और राजनीततक समस्याओं का समाधान शिक्षा क े द्वारा ही संभव है आयोग ने सामाष्ट्जक और रारिीय एकता क े शिए आयोग ने सुझाव ददया कक सामान्य ववघािय प्रणािी क े िक्ष्य को 20 वषट क े अंदर पूरा ककया जाए और सामाष्ट्जक तथा रारिीय सेवा को अतनवायट बना ददया जाए| 14 वषट तक क े हर बच्चे को तनिुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जाए तथा शिक्षा का आधुतनकरण ककया जाए| 2) मशक्षा की सींिचना:- आयोग क े अनुसार सामान्य शिक्षा की क ु ि अवगध 10 वषट हो | पहिी कक्षा क े शिए 6 साि से कम आयु क े बच्चे शिए जाए| माध्यशमक शिक्षा का कायट 7 या 8 वषट रखा जाए| उच्चतर माध्यशमक शिक्षा क े बाद 3वषट का प्रथम डर्ग्री कोसट हो| द्दीतीय डर्ग्री कोसट की अवगध 2 या 3 वषट होनी चादहए| प्राथशमक स्क ू िों में पढ़ाई 234 ददन होनी चादहए| माध्यशमक स्क ू ि में रोजाना 6 घंर्े तथा एक वषट में कम से कम 1000 घंर्े पढ़ाया जाए| 3) मशक्षको को जस्थति:- कोठारी आयोग क े अनुसार सरकारी और गैरसरकारी ववघाियों में कायट करने वािे अध्यापकों को समान सुववधाएाँ और समान वेतन शमिना चादहए| 4) अध्यापक मशक्षा :- कोठारी आयोग क े अनुसार प्राइमरी शिक्षा क े शिए सैक े ण्र्री स्क ू ि पास शिक्षको की भती होनी चादहए इसक े शिए प्रशिक्षण की अवगध 2 वषट होनी चादहए M.A और B.ed की उपागध भी दो वषट में दद जाए| धाशमटक शिक्षा स्नातक शिक्षकों क े क ु छ समय क े शिए प्रशिक्षण एक वषट तथा बाद में 2 वषट रखा जाए| प्रशिक्षण सुववधाओं में ववस्तार ककया जाए और अध्यावपक शिक्षा क े स्तर को ऊ ाँ चा उठाया जाए| 5) छात्र सींख्या औि जनबल:- आयोग ने छात्र संख्या और जनबि क े अंतगटत ् मुख्यत: दो ववचारों पर ववचार ववमिट ककया (1) माध्यशमक एवं उच्च शिक्षा की छात्र संख्या सम्बन्धी नीतत (2) छात्र संख्या की रारिीय नीतत| T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 17. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com आयोग क े अनुसार तनरक्षरता का अमूिन ककया जाए तथा िैक्षक्षक स्तरों की समानता क े शिए पंचवषीय योजनाओं क े अन्तगटत माध्यशमक शिक्षा तनिुल्क कर दी जाए| उच्यतर और ववकवववघािय शिक्षा को तनिुल्क देने क े शिए पहिे 30% बच्चों को तनिुल्क शिक्षा दी जाए तथा ववशभन्न क्षात्रो क े शिए छात्रवृतत का प्रबंध ककया जाए| 6) मशक्षा का विस्िाि: - शिक्षा ववस्तार क े शिए प्रत्येक राज्य क े राजकीय शिक्षा संस्थान में “पूवट प्राथशमक शिक्षा” क े ववस्तार क े शिए एक क ें र की स्थापना की जाए| धाशमटक ववघाियों क े 50% बच्चों को व्यवसातयक शिक्षा दी जाए आयोग ने बािक और बाशिकाओं क े शिए एक ही प्रकार का पाठ्यक्रम िागू करने का सुझाव ददया और साथ ही यह सुझाव भी ददया कक बािकों क े पाठ्यक्रम में ग्रह ववज्ञान, संगीत और िशित किाओं को महत्वपूणट स्थान ददया जाए| 7) भाषा की सिस्या:- भाषा क े सम्बंध में कोठारी आयोग क े सुझाव तन० शि० है| (क) िीन भाषायी सूत्र – भावनात्मक एकता को ध्यान में रखकर आयोग तीन भाषायें पढ़ाने की शसफाररि की आयोग का उद्देकय उत्तर की भाषा को दक्षक्षण और दक्षक्षण की भाषा को उत्तर में पढवाना था ष्ट्जससे सम्पक ट में आसानी हो आयोग ने तीन भाषाओँ की शसफाररि की| • मातृभाषा अथवा प्रादेशिक भाषा • संध की भाषा या सह राजभाषा • एक आधुतनक भारतीय या युरोयीय भाषा (ख) विमभन्न भाििीय भाषाओँ क े स्थान:- आयोग ने यह शसफाररि की है की प्रत्येक आधुतनक भारतीय भाषा का क ु छ सादहत्य देवनागरी शिवप और रोमन शिवप में प्रकाशित होना चादहए| क्योंकक भारतीय शिवप में अध्यन कदठन हो जाता है| आयोग ने मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाने का सुझाव ददया है| T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 18. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com (ग) भाििीय भाषाओँ क े विकास का सुझाि:- आयोग ने दहंदी क े अिावा आधुतनक भारतीय भाषाओं क े ववकास का सुझाव भी ददया है ताकक एक राज्य दूसरे राज्य से सम्पक ट बना सक े | आयोग ने स्क ू िों और कािेजों में आधुतनक भाषाओँ को पढ़ाने पर वविेष बि ददया| (घ) अींग्रेजी पि बल :- आयोग ने अंग्रेजी पर वविेष बि ददया तथा यह शसफाररि भी की गई कक क े न्रीय संस्थाओं और ववकवववघाियों में अंग्रेजी को ही शिक्षा का माध्यम बनाया जाना चादहए और िोधकायट (PHD ) क े शिए क े वि उन ववघाियों को चुना जाना चादहए ष्ट्जनमे शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी हो| आयोग का िूल्याकन:- कोठारी आयोग क े सम्बन्ध में ववचार को क े दो प्रकार क े तक ट है| i) पक्ष िें िक ट – ववधानों का एक वगट सुझावों की प्रसंिा करता है क्योंकक आयोग ने शिक्षको की वेतन-वृद्गध का सुझाव ददया| शिक्षा की नवीन योजना प्रस्तुत की, ववज्ञान शिक्षा पर बि ददया, भाषा की समस्या का समाधान प्रस्तुत ककया और उसक े सुझावों से ववघागथटयों , शिक्षकों और अशभभावकों सभी को िाभ होगा आयोग क े सुझाव अत्यंत व्यवहाररक है| ii) विपक्ष िें िक ट :- कोठारी आयोग क े आिोचकों का तक ट है कक राधाकृ रणन और मुिाददयर आयोग क े तुरंत बाद इसकी आवकयकता नहीं थी| आयोग ने शिक्षकों क े कल्याण की चचाट नहीं की है ववघािय क े शिक्षको ने असंतोष व्यक्त ककया है| आिोचकों क े अनुसार आयोग दहंदी भाषा की अवहेिना करता है क्योंकक आयोग ने अंग्रेजी और दहंदी क े अध्यन की वैकष्ट्ल्पक रखा है यह दहन्दी क े शिए हातनकारक है क्योंकक कोई भी छात्र वतटमान समय में अंग्रेजी को नहीं छोड़ेगा| प्रश्न 6. “ तनजीकिण की प्रिृति ने मशक्षा क े क्षेत्र िें सींख्यात्िक सिक औि गुणित्ता पि असि डाला है” कथन की सिीक्षा किे? अथिा उच्च मशक्षा का तनजीकिण होना चाठहए क्या आप सहिि है T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 19. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com उत्तर: भारत में तनजीकरण का आरंभ 90 क े दिक में हुआ| तथा ववशभन्न क्षेत्रों में तनजीकरण की मान होने िगी है| तनजीकिण का अथट:- वे कक्रयाएं या उघम ष्ट्जन्हें पहिे सरकार या राज्य द्वारा संचाशित ककया जाता था परंतु बाद में क ु छ कारणों से उन्हे तनजी कम्पनी या उघमी को संचाशित करने क े शिए सौंप ददया जाता है तनजीकरण कहिाती है| तनजीकरण क े द्वारा िागत में कमी िाकर गुणवत्ता में सुधार का प्रयास ककया जाता है| मशक्षा िें तनजीकिण:- शिक्षा क े क्षेत्र में भी तनजीकरण बढ़ता जा रहा है| आज शिक्षा क े क्षेत्र में स्वववत्त पोवषत संस्थाओं की भरमार होती जा रही है| पूणटत: तनजीकरण वािी शिक्षा प्रणािी का आिय एक ऐसी प्रणािी से है ष्ट्जसमे तन० बाते िाशमि हो| i) सभी औपचाररक और गैरौपचाररक शिक्षण संस्थाओं की प्रबंध व्यवस्था तनजी हाथों में होती है| ii) हर प्रकार और हर स्तर की शिक्षा पर तनजी क्षेत्रों का तनयंत्रण हो iii) शिक्षा की हर प्रकार की ववत्तीय जरूरते नीष्ट्ज साधनों से पूरी की जाती है| iv) शिक्षण संस्थाओं क े तनयमन और तनयंत्रण का अगधकार सरकार कको नहीं होता | भािि िें मशक्षा क े तनजीकिण का इतिहास:- भारत में तनजीकरण की व्यवस्था प्राचीन काि से चिी आ रही है उस समय शिक्षा धमट पर आधाररत थी तथा राज्य का कोई तनयंत्रण नहीं था| भारत में अनेक ख्यातत प्राप्त ववकव ववघािय थे जैसे तक्षशििा, नािेदा आदद| इन्हें उच्च शिक्षा क े उतम क ें र भी कहा जाता था| सरकार बबना ककसी तनयंत्रण और ितट क े इन शिक्षा संस्थाओं नीतत 1986 क े भाग 10-c में कहा गया है कक “जनता की भागीदारी गैर सरकारी एजेंशसयों और स्वयंसेवी अथवा स्वैष्ट्च्छक प्रयास सदहत िोगो को िाशमि करने क े शिए प्राथशमकता प्रदान करना” इस कथन से शिक्षा में तनजीकरण क े महत्व का पता चिता है| शिक्षा में तनजीकरण क े िाभ:- T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 20. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com i) तनजीकरण क े फिस्वरूप शिक्षा का प्रसार हो रहा है ii) ष्ट्जन िोगों को प्रततयोगी परीक्षाओं में असफि होने क े कारण प्रवेि नहीं शमि पाता वे आगधक धन करक े शिक्षा प्राप्त कर सकते है iii) शिक्षा में तनजीकरण क े द्वारा देि का धन सकारात्मक कायो में िग रहा है| तथा बेरोजगारी को दूर करने में सहायता शमिी है iv) शिक्षण संस्थाओं की स्थापना से सम्बंगधत रोजगार, छात्रवास कैं र्ीन सेवायें, स्र्ेिनरी तथा पष्ट्ब्ििसट को ववकास करने क े अवसर शमिे है| v) योग्य व्यष्ट्क्तयों को अपनी प्रततभा का ववकास करने क े अवसर प्राप्त होते है| vi) वे िोग भी शिक्षा प्राप्त कर सकते है जो ककसी कारण वषट शिक्षा छोड़ चुक े थे| मशक्षा क े तनजीकिण की हातनयााँ:- i) शिक्षा , व्यापार बन गई है तथा उपभोक्ता और तनयोजक दोनों इसी रष्ट्रर् का ववकास कर रहे है| ii) तनजीकरण क े कारण प्रततभा होते हुए भी प्रवेि नहीं िे पाते| iii) बड़े – बड़े उघोग पततयों ने शिक्षा संस्थाओं को सहयोगी उघोग क े रूप में स्थावपत ककया है| iv) तनजीकरण क े कारण शिक्षा मंहगी हो गई है पूवट प्राथशमक, प्राथशमक तथा माध्यशमक स्तर कम से कम 1000 रु/माह एक बािक का खचट आता है ष्ट्जससे सामान्य वेतन वािों क े शिए परेिानी है| v) शिक्षकों का िोषण होता है तथा उन्हे पूरा वेतन तथा िैक्षक्षक सुववधाएं प्राप्त नही होती vi) अगधकतर संस्थाओं में योग्य शिक्षक मंर्ि नहीं होता तथा इन संस्थाओं में िैक्षक्षक सुववधाओं का अभाव होता है| तनजीकिण को सफल बनाने क े सुझाि :- सरकारें तनरंतर बढ़ते बोझ क े कारण शिक्षा से दूर होती जा रही है सरकार की अकक्रयािीिता की वजह से ही हम अब तक भी चौदह वषट तक आयु क े बािकों क े T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 21. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com शिए अतनवायट तनिुल्क एवं सववभौशमक शिक्षा क े िक्ष्य की प्राष्ट्प्त नहीं कर पाए है| ऐसी ष्ट्स्थतत में तनजीकरण ही एक मात्र िक्ष्य है ष्ट्जसक े द्वारा शिक्षा को प्रत्येक वगट तक पहुचाया जा सकता है| तनजीकरण में मुनाफाखोरी तथा आगथटक िोषण पर तनयंत्रण करने क े साथ-साथ िैक्षक्षक स्तर में सुधार क े शिए तन० शि० सुझावों पर ध्यान देना चादहए| i) तनजीकरण में मुनाफाखोरी की प्रवृवत्त पर रोक िगाई जाए| ii) संस्थान को मान्यता देते समय इस बात का ध्यान रक्षा जाए कक ऐसी संस्थाओं में प्रिासतनक योजना बनाई जाए ष्ट्जसमे सरकार, शिक्षा ववभाग, समाज, छात्रो तथा अध्यापकों का प्रतततनगधत्व हो| इन प्रतततनगधयों क े सिक्त आगधकार हो| iii) शिक्षकों की सेवा ितों का संरक्षण सरकार द्वारा ककया जाए| iv) तनजीकरण द्वारा शिक्षा संस्थाये, संस्थाओं क े रूप में चिाई जाये न की दुकानों क े रूप में| v) संस्थाये स्थानीय आवकयकताओं क े अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करे| vi) प्रजातंत्र की भावना ववकशसत की जाए हमे ववकवास है कक यदद ये सुझाव अपनाये जायें तो तनजीकरण शिक्षा क े प्रसार में बाधक नहीं होगा| प्रश्न िाष्र य मशक्षा नीति 1986 पि चचाट किे? उत्तर: नईरारिीय शिक्षा नीतत रारिीय तनमाटण की प्रकक्रया क े दौरान भारत सरकार ने अगस्त 1985 में एक दस्तावेज “शिक्षा की चौनोती: नीतत सम्बंधी “ जारी ककया गया इसक े बाद मई 1986 में भारत सरकार ने शिक्षा नीतत 1986 का प्रारूप तैयार ककया और इसे जारी ककया | इस शिक्षा नीतत को तन० प्रकार से ववस्तार पूवटक समझाया जा सकता है| खण्ड एक : प्रस्तावना:- वतटमान समय में यह मांग उठ रही है कक देि क े समस्त संसाधनों का पूणट प्रयोग ककया जाए और देि क े आगथटक तथा तकनी कक ववकास का िाभ सबको शमिना चादहए इसी उद्देकय को ध्यान में रखकर जनवरी 1985 में रारिीय शिक्षा नीतत क े तनमाटण की घोषणा की गई| T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 22. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com खण्ड दो : शिक्षा का सार तथा भूशमका:- हमारे रारि पररप्रेक्ष में शिक्षा सभी क े शिए है| अत: ऐसी शिक्षा की आवकयकता है जो रारिीय एकता, वैज्ञातनक रष्ट्रर्कोण को बढ़ाती हो| अथाटत ् शिक्षा का मुख्य उद्देकय मानव िष्ट्क्त का ववकास करना है| खण्ड िीन : शिक्षा की रारिीय प्रणािी:- शिक्षा की रारिीय प्राणिी क े अंतगटत सभी छात्रों को बबना जातत, धमट ,रंग क े भेदभाव क े गुणवत्ता वािी शिक्षा शमिे| 10+2+3 संरचना को देि क े सभी भागों में स्वीकार ककया जा चुका है| ष्ट्जसे तनम्नप्रकार से समझा जा सकता है i) पहिे 10 वषट की शिक्षा में 5 वषट प्राथशमक 2 वषट उच्च प्राथशमक और 2 वषट हाई स्क ू ि की शिक्षा होगी| ii) शिक्षा छोड़ चुक े युवको, मदहिाओं, कृ षकों आदद को अपनी शिक्षा पूणट जारी करने क े शिए अवसर प्रदान ककये जाएंगे| इसक े शिए मुक्त शिक्षा संस्थानों पर जोर ददया जाएगा| iii) ववकवववघािय अनुदान आयोग (UGC ) , आझखि भारतीय तकनीकी शिक्षा पररषद तथा भारतीय गचककत्सा पररषद (TMC) की योजना में सुधार ककया जाएगा| iv) राज्य तथा क ें र सरकारे (NCERT) तथा (NUEPA) क े साथ शमिकर शिक्षा नीतत को सफि बनाने क े शिए प्रयास करेगी| खण्ड चाि: समानता क े शिए शिक्षा:- i) नई शिक्षा नीतत 1986 शिक्षा क े शिए समान अवसरों क े शिए तन० शि० प्रयास करेगी| ii) अनुसूगचत जातत एवं जन जाततये क्षेत्रों में स्क ू िों, बाि-वाडर्यो तथा प्रौढ़ शिक्षा क े न्रों की स्थापना की जाएगी | iii) ग्रामीण क्षेत्रों में, उपयुक्त प्रोत्साहन ददया जाएगा| पवटतीय वरेगगस्तानी ष्ट्जिों, दूरवती व अगम्य स्थानों में शिक्षा का ववस्तार ककया जाएगा| iv) ववकिांग तथा वविेष आवकयकता वािे बच्चों क े शिए उनकी आवकयकता क े अनुसार ववघािय खोिे जाएंगें | T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 23. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com खण्ड पााँच :ववशभन्न स्तरों पर िैक्षक्षक पुनटगठन:- a) पूणट बाल्यकाि पररचयीव शिक्षा:- पोषण, स्वास्थ तथा सामाष्ट्जक, मानशसक, िारीररक, नैततक व ववकास की रष्ट्रर् से पूवट बाल्यकाि देखभाि पर ध्यान देना | b) प्रारष्ट्म्भक शिक्षा:- 14 वषट की आयु तक बािको को सववभौशमक शिक्षा प्रदान की जायेगी और प्राथशमक स्क ू िों की सुववधाओं पर ध्यान ददया जाएगा| c) माध्यशमक शिक्षा – माध्यशमक शिक्षा को बढ़ाया जाएगा और ववशिरठ योग्यता वािे बािको क े शिए देि क े ववशभन्न भागों में स्क ू ि खोिे जाएंगे| d) व्यवसायीकरण :- सरकारों की यह ष्ट्जम्मेदारी है कक वे व्यावसातयक पाठ्यक्रमो का आरंभ करे| e)उच्च शिक्षा :- उच्च शिक्षा प्रदान करने ववकव ववघाियों में अनुसंधान को आगधक सहायता दी जाएगी | दाझखिों को क्षमता क े अनुसार तनयंबत्रत ककया जाएगा| f) खुिा ववकव ववघािय व दूरस्थ शिक्षा :- उच्च शिक्षा क े अवसरों को बढ़ाने क े शिए इंददरा गााँधी रारिीय खुिा ववकवववघािय को सुरढ़ ककया जायेगा | g) ग्रामीण ववकवववघािय:- ग्रामीण ववकवववघाियों क े ववकास क े शिए प्रयास ककये जाएंगे| तथा गााँधी जी बुतनयादी शिक्षा संस्थानों को सहायता प्रदान की जाएगी| खण्ड छ: : तकनीकी तथा प्रबंध शिक्षा :- तकनीकी शिक्षा का ववस्तार करने क े कम्पूर्र शिक्षा को बढ़ावा ददया जाएगा और इसक े शिए धन खचट ककया जाएगा तथा मदहिाओं और आगथटक रूप से कमजोर िोगो को भी तकनीकी शिक्षा प्रदान करने की कोशिि की जायेगी| खण्ड साि: शिक्षा प्रणािी का कक्रयान्वयन:- अध्यापको की ष्ट्जम्मेदारी, बेहतर छात्र सेवाओं, संस्थाओं में अगधक सुववधाओं का समय-समय पर मूल्याकन ककया जाएगा| खण्ड आि: पाठ्क्रम का नवीनीकरण:- समय-समय पर पाठ्यक्रम का नवीकरण ककया जाएगा | ष्ट्जससे शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे| नए पुस्तकाियों की स्थापना की जाएगी| कफल्मो, रेडर्यो, T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 24. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com र्ेिीववजन तथा संचार साधनों द्वारा दहंसा, अिगाववाद आदद बढ़ाने वािी प्रवृततयों पर रोक िगाई जाएगी| ववज्ञान शिक्षा कायटक्रम इस तरह से तनशमटत ककये जाने चादहए कक छात्र समस्या का समाधान तथा तनणटय िेने योग्य बना सक े | खण्ड नौ: अध्यापक :- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार क े शिए योग्य एवं प्रशिक्षक्षत शिक्षकों की तनयुष्ट्क्त की जाए तथा समय –समय पर उन्हे प्रशिक्षण भी ददया जाएगा| शिक्षको को उगचत वेतन और सुववधाए दी जाएाँगी ताकक उनकी एकाग्रता बनी रहे | खण्ड दस: शिक्षा का प्रबन्ध :- शिक्षा की योजना एवं प्रबंध प्रणािी में बदिाव िाने क े प्रयास ककये जायेंगे दीघटकािीन योजना बनाने, ववक ें रीकरण व शिक्षा संस्थाओं की स्वायता की भावना का तनमाटण, योजना व प्रबन्ध में मदहिाओं की सहभागगता, उद्देकयों व मानको क े सम्बन्ध में उत्तरदातयत्व, इस पररवतटन में महत्वपूणट तनदेिक बबन्दु होंगे| खण्ड ग्यािह: संसाधन तथा समीक्षा:- शिक्षा पर खचट करने क े शिए धन जुर्ाने क े शिए कर िगाये जा सकते है| नई नीतत क े ववशभन्न प्रावधानों क े कक्रयान्वयन की प्रत्येक पााँच वषट बाद समीक्षा की जानी चादहए| खण्ड बािह: भावी स्वरूप :- भारतीय शिक्षा का भावी स्वरूप इतना जदर्ि होगा कक इसे ठीक-ठीक आाँकना सम्भव नहीं है| मुख्य कायट शिक्षा प्रणािी क े तनचिे स्तर को सुरढ़ करना है| ष्ट्जसमें इस िताब्दी क े अंत तक िगभग एक अरब िोग होंगे| यह भी सुतनष्ट्कचत करना होगा कक शिक्षा प्रणािी क े सबसे उत्तरी स्तर क े िोग ववकव क े श्रेरठतम व्यष्ट्क्तयों में सष्ट्म्मशित हो| तनरकषट:- सन 1986 में राजीव गााँधी सरकार द्वारा शिक्षा की नई नीतत की घोषणा की गई| इस नीतत में रारिीय ववकास में शिक्षा की भूशमका को वविेष महत्व ददया गया है इस नीतत में 10+2+3 की रारिीय शिक्षा प्रणािी को अपनाने, िैक्षक्षक अवसरों की एक समान उपिब्ध सुतनष्ट्कचत करने , तकनीकक शिक्षा में सुधार करने, तथा अध्यापकों क े उत्तरदातयत्व को सुतनष्ट्कचत करने क े T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 25. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com संकल्प शिए गए थे परंतु राज्य व क ें र सरकारों की अकक्रयािीिता क े कारण अभी इन उद्देकयों को प्राप्त करना दूर िगता है| प्रश्न: िाष्र य अध्यापक मशक्षा परिषद क े गिन एिीं कायो का िणटन किे? अथिा मशक्षक मशक्षा (NCTE) क े स्िि को उन्नि बनाने क े मलए सुझाि द जजए? उत्तर: रारिीय अध्यापक शिक्षा पररषद (NCTE) का गठन भारत में शिक्षा प्रणािी को सुधारने और हर प्रकार की कमी को दूर करने क े शिए ककया गया| रारिीय शिक्षक पररषद की स्थापना क े शिए एक अगधवेिन 1995 में पाररत ककया गया| शिक्षक शिक्षा अपने िक्ष्यों को प्राप्त कर सक े इसक े शिए NCTE को क ें र सरकार से सहायता शमिती है| 1) मशक्षक मशक्षा – अध्यापक शिक्षा से अशभप्राय ऐसे व्यष्ट्क्तयों क े प्रशिक्षण या अनुसन्धान से है जो पूवट प्राथशमक, माध्यशमक, उच्चत्तर माध्यशमक ववघाियों को पढ़ना चाहते है| 2) मशक्षक मशक्षा की योग्यिा:- योग्यता से अशभप्राय डर्ग्री, डर्प्िोमा या प्रमाण पत्र से है , जो ककसी ववकवववघािय या एक्र् क े अधीन ककसी परीक्षण संस्थान से ददया जाता हो| रारिीय शिक्षक शिक्षा पररषद का गठन:- अध्यापक शिक्षा पररषद में क ु ि 41 सदस्य होते हैं| भारत सरकार का शिक्षा मंत्री इस पररषद का अध्यक्ष होता है| शिक्षा मंत्री की ओर से एक मनोतनत सदस्य पररषद का सगचव होता है| इसी प्रकार राज्य क े शिक्षा ववभाग से 21 , योजना आयोग से 1 सदस्य शिये जाते| िाष्र य अध्यापक परिषद की आिश्यकिा 1) न्यूनिि सुविर्ाओीं की प्राजति- भारत की अगधकतर अध्यापक शिक्षण संस्थाओं में आधुतनक सुववधाओं की कमी है इस पररषद का कायट धन की कमी को दूर करक े सुववधाओं की प्राष्ट्प्त करना| T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com
  • 26. Page no. 1 Ph.no.: 9910414515 www.YouTube.com/sartazclasses www.admin@sartazclasses.com 2) अनुभिी मशक्षको की सिस्या – अनुभवी और प्रशिक्षक्षत शिक्षको का देि में अभाव है ष्ट्जसक े कारण अनेक अध्यापक प्रशिक्षण स्क ू ि /कािेज बंद पड़े है| मशक्षा का विस्िाि- वतटमान समय में भारत में प्रारष्ट्म्भक शिक्षा में बड़े पैमाने पर ववस्तार तथा माध्यशमक शिक्षा में क ु छ मौशिक पररवतटन िाने की योजना बनाई जा रही है इसशिए रारिीय अध्यापक शिक्षा पररषद की आवकयकता पड़ी| मशक्षकों की मशक्षा- ववशभन्न राज्यों में प्रशिक्षक्षत शिक्षको क े प्रततित में अंतर है राज्यों में अंतर 18% से 99% है अनेक शिक्षक तो क े वि शमडर्ि पास है | कायटकाि:- अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्य सगचव चार वषट की अवगध तक क े शिये या 60 वषट पूरे करने तक पद पर रहेगें| ककसी भी ददिा में हुई पद ररष्ट्क्तयााँ पदानुसार भरी जाएगी | िाष्र य अध्यापक परिषद का कायट i) अध्यापक शिक्षा क े क्षेत्र में सवेक्षण करना तथा पररणामों को प्रभाववत करना| ii) अध्यापक शिक्षा क े शिए बनाई गई योजनाओं तथा कायटक्रम क े ववषय में क ें र , राज्य सरकारों, ववकवववघाियों तथा मान्यता प्राप्त संस्थाओं को सूगचत करना| iii) देि में अध्यापक शिक्षा का समन्वय तथा तनयमन करना और शिक्षको की योग्यताओं का तनधाटरण करना iv) मान्यता प्राप्त संस्थाओं क े शिए ददिा तनदेि देना और आधुतनक शिक्षण सुववधाओं क े शिए योजना और मागटदिटन तैयार करना| v) मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं का समय – समय पर तनरीक्षण करना| vi) अध्यापक शिक्षा क े बाजारीकरण को रोकना तथा क ें र सरकार द्वारा ददये गए ऐसे सभी कायटकरना जो अध्यापक शिक्षा क े शिए जरूरी हो| रारिीय अध्यापक शिक्षा पररषद की भूशमका T u t o r i a l s D u n i y a . c o m TutorialsDuniya.com से DU BA Prog के Notes और Question Papers डाउनलोड करें Download DU BA Prog Notes & Question Papers from TutorialsDuniya.com